सड़क निर्माण, बेसा घोगली रोड,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)  
नागपुर

4 करोड़ का बजट, 6 महीने का वक्त, फिर भी सड़क गायब! बेसा-घोगली मार्ग पर पहली ही बारिश में मंचा 'कीचड़-संग्राम'

Nagpur Besa Road Construction: बेसा-घोगली मेन रोड से इन्सारा मेट्रो पार्क तक सड़क निर्माण कार्य छह माह बाद भी अधूरा है। बारिश के बाद कीचड़ और गड्ढों से स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है।

अंकिता पटेल

Nagpur Besa Ghogli Road Infrastructure Project: बेसा घोगली मेन रोड से इन्सारा मेट्रो पार्क तक जाने वाले मार्ग का निर्माण कार्य पिछले छह महीनों से जारी है, लेकिन अब तक सड़क पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किए गए इस सड़क निर्माण कार्य के साथ ही एनएमआरडीए की गाइडलाइन के तहत अन्य कार्य भी चल रहे हैं।

हालांकि, सड़क ठेकेदार और एनएमआरडीए के बीच समन्वय की कमी के कारण क्षेत्र के नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिन हुई हल्की बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई, सड़क पर कीचड़ और गड्डों के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। इस क्षेत्र में लगभग 900 लोगों की आबादी निवास करती है, जिसमें ओशियन सुपर सिटी, पिरामिड सिटी-4 और पर्यावरण नगर जैसी प्रमुख कॉलोनियां शामिल हैं।

पहली ही बारिश में बेसा-पिपला की सड़कों की खुली पोल

पहली ही बारिश ने बेसा-पिपला नगर पंचायत के अंतर्गत श्री साईनगरी क्षेत्र में विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। महज 15 से 20 मिनट की बारिश के बाद पूरा इलाका कीचड़ से भर गया, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। धोगली निवासी राम शेवटकर ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों के साथ इस संबंध में बेसा-पिपला नगर पंचायत के निर्माण सभापति मुकेश काले से चर्चा कर समस्या हल करने की मांग की गई तो उन्होंने सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया।

वहीं, बेसा नगर पंचायत के शिवसेना पदाधिकारियों एवं ग्रामसेवकों ने संबंधित ठेकेदार और निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर कार्य की प्रगति की जानकारी ली। स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सड़क की स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ और आवागमन सुचारु नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। ओशियन सुपर सिटी के निवासी अमित चांदपूरकर, देवेंद्र बावनकुले और शशांक पखाले सहित अन्य नागरिकों ने भी समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है।

ठेकेदार ने अधूरा काम छोड़ दिया

क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया है कि बारिश का मौसम सिर पर होने के बावजूद ठेकेदार ने काम अधूरा और लापरवाही से क्यों छोड़ दिया। नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़कों की अस्थायी मरम्मत, कीचड़ हटाने तथा खड़ी या मुरुम डालकर आवागमन सुचारु करने की मांग की है। कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है।

इसका सबसे अधिक असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। राम शेवटकर एवं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि क्षेत्र में कोई मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति उत्पन्न होती है।

7.8% नहीं 2.6% है GDP ग्रोथ, आंकड़ों में हेरफेर कर झूठ परोस रही मोदी सरकार? जानें क्यों मचा है सियासी बवाल

Ram Mandir Trust Decisions: पहले CEO जितेंद्र मिश्रा, गोविंद गिरी महासचिव, राम मंदिर में किसे क्या जिम्मेदारी?

भावनगर पारा यार्ड रिमॉडलिंग को रेलवे की मंजूरी; ₹125 करोड़ से होगा अपग्रेड, जानें प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं

Kal Ka Mausam : यूपी-बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी... नितिन गडकरी का बदलेगा मंत्रालय! महाराष्ट्र से किसे मिलेगी जगह?