आशा पारेख के मुताबिक फिल्म इंडस्ट्री में अब भी पुरुषों का वर्चस्व है।
उन्होंने कहा कि महिला कलाकार अपनी प्रतिभा से पुरुष कलाकारों से बेहतर काम कर रही हैं।
वहीदा रहमान और हेलन के साथ आज भी उनकी गहरी दोस्ती कायम है।
बचपन में मौसी की शादी के लिए नागपुर में काफी समय बिताया था।
आशा पारेख को मराठी फिल्मों से ज्यादा मराठी नाटक देखना पसंद है।
Asha Parekh Statement On Women In Cinema: नागपुर दिग्गज अभिनेत्री और पद्मश्री सम्मानित आशा पारेख ने कहा कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में आज भी पुरुषों का वर्चस्व कायम है लेकिन महिला कलाकारों ने अपनी मेहनत, हिम्मत और प्रतिभा के दम पर लंबा सफर तय किया है।
इतना ही नहीं, आज महिला कलाकार पुरुष कलाकारों से भी बेहतर काम कर रही हैं। शिवाजी महाराज स्मृति समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने नागपुर पहुंचीं आशा पारेख ने पत्रकारों से बातचीत की।
इस दौरान उन्होंने अपने फिल्मी करियर, विभिन्न भूमिकाओं, सहकलाकारों के साथ बिताए पलों और फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलावों को लेकर खुलकर चर्चा की। उन्होंने अपने अभिनय के सफर के सुनहरे दौर की कई यादें भी साझा की।
नागपुर से पुराना नाता नागपुर से अपने पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए आशा पारेख ने कहा कि वे पहले भी कई बार इस शहर में आ चुकी है, इसलिए नागपुर शहर उनके लिए नया नहीं है।
बचपन में मौसी की शादी के अवसर पर वे यहां काफी समय तक रही थी। नागपुर प्रवास के दौरान उन्होंने कोराडी स्थित जगदंबा मंदिर और वर्षा रोड स्थित साई मंदिर में दर्शन भी किए।
अभिनेत्री वहीदा रहमान, हेलन और आशा पारेख की दोस्ती फिल्म जगत में हमेशा चर्चा का विषय रही है। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि फिल्मी करियर के दौरान तीनों अपने-अपने काम में बेहद व्यास्त रहती थीं।
ऐसे में उस समय साथ बैठकर लंबी बातचीत करने का अवसर कम ही मिलता था। हालांकि फिल्मों से दूरी बनाने के बाद अब तीनों अवसर मिलती है और खूब बातें करती हैं।
महाराष्ट्र में लंबे समय तक रहने के कारण आशा पारेख को मराठी नाटकी से विशेष लगाव हो गया है। उन्होंने बताया कि भले ही वे मराठी फिल्मे ज्यादा नहीं देखतीं लेकिन मराठी नाटक बड़े चाव से देखती है। मराठी रंगमंच के प्रति उनका खास आकर्षण है।