अनिल देशमुख और एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

सांसदों को तोड़ना बच्चों का खेल नहीं! Anil Deshmukh ने शिंदे गुट पर कसा तंज, बोले- ऑपरेशन टाइगर जैसा कुछ नहीं

Anil Deshmukh Operation Tiger Maharashtra: अनिल देशमुख ने 'ऑपरेशन टाइगर' को बताया अफवाह। कहा- सांसदों को तोड़ना आसान नहीं। सुनेत्रा पवार के लिए क्यों पीछे हटी कांग्रेस, किया बड़ा खुलासा।

प्रिया जैस

Anil Deshmukh Maharashtra Politics News: पूर्व गृहमंत्री व एनसीपी नेता अनिल देशमुख ने शिंदे सेना के आपरेशन टाइगर के कयासों को खारिज करते हुए कहा कि आपरेशन टाइगर जैसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे गुट के सांसद अरविंद सावंत और संजय राऊत ने भी इसे गलत खबर बताया है। चाहे ठाकरे गुट हो या हमारा गुट, कोई भी सांसद टूटने वाला नहीं है।

सांसदों को तोड़ना आसान नहीं

वे पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट के कितने सांसद हैं, यह सभी को पता है। किसी भी पार्टी के सांसदों को तोड़ना आसान काम नहीं है। हर पार्टी के सांसद अपने दल के साथ पूरी निष्ठा से जुड़े हुए हैं। सांसदों के टूटने जैसी कोई स्थिति नहीं बनेगी। अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने कहा कि सांसद और विधायक अपने कामों के लिए मंत्रियों के पास जाते हैं। यदि कोई विपक्षी सांसद या विधायक किसी मंत्री से मिलता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह गलत है।

पवार के कारण पीछे हटी कांग्रेस

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की जीत सभी चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार के बीच चर्चा के बाद कांग्रेस ने पीछे हटने का निर्णय लिया। भाजपा की बात कांग्रेस नहीं सुनती, बल्कि खरगे-पवार की चर्चा के बाद दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने यह फैसला लिया।

अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने कहा, किसान इस समय बेहद कठिन परिस्थिति में हैं और बुवाई के समय उनकी समस्याएं और बढ़ेंगी। कर्जमाफी के वादे का क्या होता है, यह देखना होगा। दो लाख रुपये की कर्जमाफी से किसानों को कोई वास्तविक लाभ नहीं होगा।

विश्व के मशहूर क्लाइमेट साइंटिस्ट जेम्स हानसेन की चेतावनी, इसलिए इतिहास का सबसे गर्म साल बनेगा 2026

EPF Withdrawal Rules 2026: फॉर्म 15G और 15H की जगह आया फॉर्म 121, जान लें नए नियम और पात्रता की शर्तें

ओबीसी 27 प्रतिशत आरक्षण मामले में मोहन सरकार की बड़ी तैयारी! दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल से मिले सीएम डॉ. यादव

फेस्टिवल के बीच UPI यूजर के लिए बड़ी खबर, MDR लागू करने का फैसला टला; जल्द आएगी नई तारीखें

भारत में प्रदर्शन के पीछे इस्लामी ताकतें! अमेरिकी पत्रकार ने दी चेतावनी, लाखों डॉलर की फंडिंग का दावा