Nagpur Pollution Sewage Water: ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण अंबाझरी तालाब को प्रदूषण मुक्त करने के लिए विधायक परिणय फुके ने विधाना परिषद में सरकार को घेरा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जलकुंभी को हटाना केवल एक अस्थायी उपचार है, जबकि असली समाधान प्रदूषणा के मुख्य स्रोतों को पूरी तरह बंद करना है।
फुके ने सदन में बताया कि वाडी नगर परिषद क्षेत्र से हर दिन करीब 8.29 मिलियन लीटर अनुपचारित घरेलू सीवर का पानी सीधे अंबाझरी तालाब में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि जब तक 11 एमएलडी क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पूरी तरह चालू नहीं हो जाता तब तक इस दूषित पानी को तालाब में जाने से रोकने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
प्रोजेक्ट में देरी: एसटीपी का काम 80 प्रतिशत पूरा होने के बाद भी बाकी काम लंबे समय से लंबित क्यों है? इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
वैज्ञानिक जांच की कमी: हिंगना औद्योगिक क्षेत्र के लिए उपयोग किए जा रहे पानी की गुणवत्ता को लेकर भी फुके ने सवाल उठाए, उन्होंने मांग की कि पाइपलाइनों में क्षार, रसायनों और दुर्गंध की स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच कराई जाए।
केवल नोटिस काफी नहीं:प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नोटिस जारी करने या केस दर्ज करने को काफी नहीं माना जा सकता क्योंकि धरातल पर प्रदूषित पानी का तालाब में गिरना जारी है।
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समिति की कार्यप्रणाली: उच्च न्यायालय के निर्देश पर बनी विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति की अब तक हुई बैठकों, लिए गए निर्णयों और निर्धारित कालक्रम की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
फुके ने चेतावनी दी कि अंबाझरी तालाब न केवल प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र है। बल्कि यह एक महत्वपूर्ण जल स्रोत है। इसकी उपेक्षा करना भविष्य के लिए स्वास्थ्य और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से खतरनाक साबित हो सकता है।