Dr Babasaheb Ambedkar International Airport Nagpur: नागपुर डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कार्गो सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया।
थर्ड पार्टी ठेका कंपनी द्वारा लंबे समय से किए जा रहे कथित आर्थिक शोषण, सरकारी नियमों की अनदेखी और हाल ही में हुई मनमानी वेतन कटौती से नाराज होकर लगभग 70 कर्मचारियों ने अचानक कामकाज ठप कर दिया है और कार्गो कार्यालय में ताला जड़कर हड़ताल पर जा बैठे।
कार्यों कर्मचारियों की हड़ताल के बाद जीएमआर प्रबंधन हरकत में आया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया कि जिनकी भी वेतन राशि में कटौती हुई है वह कल तक उनके खातों में जमा कर दी जाएगी। इसके साथ ही प्रबंधन ने अन्य सभी मुद्दों व समस्याओं के समाधान के लिए सोमवार तक का समय भी मांगा।
इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर रात की शिफ्ट में काम फिर से शुरू कर दिया लेकिन दिनभर काम बंद रहने से एयरलाइंस की कार्गो सेवाएं दिनभर पूरी तरह से प्रभावित रहीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नागपुर एयरपोर्ट से रोजाना लगभग 25 टन इनबाउंड और आउटबाउंड माल की आवागमन प्रक्रिया होती है जिसे संभालने में इन कर्मचारियों की मुख्य भूमिका रहती है। कर्मचारियों के एक साथ हड़ताल पर चले जाने से एयरलाइंस की कार्गो सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित होने की कगार पर पहुंच गई थीं।
इस दौरान दिनभर जीवनरक्षक दवाओं, मेडिकल शिपमेंट्स और अन्य अति आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी बड़ा असर पड़ता दिखाई दिया। यही वजह रही के जीएमआर ने इसे गंभीरता से लेते हुए कर्मचारियों को आश्वस्त कर सोमवार तक का समय मांगा और उन्हें काम पर वापस ले आया।
नागपुर एयरपोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग का काम राउर रोडवेज नामक थर्ड पार्टी कंपनी के अधीन है जो इससे पहले 'मिहान' और वर्तमान में जीएमआर के तहत अनुबंध पर काम कर रही है। पिछले करीब 4 वर्षों से यहां काम कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें लगातार बुनियादी अधिकारों और सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
कर्मचारियों का दावा है कि नियम के मुताबिक कर्मचारियों को कम से कम 18,000 इनहँड वेतन मिलना चाहिए लेकिन उन्हें केवल 12,000 से 13,000 रुपये ही दिए जाते हैं। इतना ही नहीं, सैलरी में बिना कोई ठोस कारण बताए 1,700 से लेकर 3,000 रुपये तक की कटौती कर दी गई जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया।
कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी की ओर से किसी भी कर्मचारी को आधिकारिक सैलरी स्लिप नहीं दी जाती और भुगतान वाउचर पर किया जाता है। इसके अलावा पीएफ की कटौती तो की जाती है लेकिन वह खाते में जमा नहीं होता।
कार्गो जैसे जोखिम भरे काम में लगे कर्मचारियों के लिए न तो कोई दुर्घटना बीमा की सुविधा है और न ही कोई अन्य आपातकालीन सुरक्षा उपाय किए गए है।
नागपुर एयरपोर्ट से इंडिगो, एयर इंडिया सहित अन्य प्रमुख एयरलाइंस के माल की बुकिंग, स्क्रीनिंग, सेग्रीगेशन और ट्रॉली लोडिंग का पूरा जिम्मा यही कार्गो लोडर और स्क्रीनर संभालते है।
कर्मचारियों की हड़ताल आगे भी होती है तो नागपुर के विभिन्न अस्पतालों और कैसर सेंटरों के लिए आने-जाने वाली जरूरी दवाइयां व मेडिकल उपकरण अटक सकते हैं, दिल्ली, मुंबई व अन्य शहरों से आने-जाने वाले रोजाना के कम से कम 25 टन माल की लोडिंग-अनलोडिंग ठप होने से एयरलाइंस को बड़ा नुकसान हो सकता है।