महाराष्ट्र

कागजों तक ही सीमित है मनपा की पार्किंग नीति, निजी पार्किंग वाले वसूलते हैं मनमाना शुल्क

सुनीता पांडे

ठाणे: दिनों-दिन वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि अब ठाणेकरों के लिए मुसीबतों का सबब बनती जा रही है। जिस अनुपात में वाहनों की तादाद बढ़ रही है, उससे कहीं ज्यादा तेजी से पार्किंग स्थलों की संख्या घट रही है। मनपा की उदासीनता ने इस समस्या को और भी बढ़ा दिया है। जगह-जगह बेतरीब खड़ी वाहनों के कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार गांवदेवी स्थित दोपहिया पार्किंग बंद है जबकि नौपाड़ा स्थित पार्किंग के लिए आरक्षित भूखंड पर अवैध निर्माण कर लिया गया है।

पार्किंग की जगह पर बनेगा अस्पताल 

बता दें कि मनपा ने ठाणे स्थित ज्यूपिटर अस्पताल से सटे फैसिलिटी प्लॉट पर मल्टी लेवल पार्किंग के निर्माण की घोषणा की थी। यहां करीब 1000 वाहनों के लिए पार्किंग स्थल बनाया जाना, लेकिन महानगरपालिका ने उस स्थान पर हॉस्पिटल बनाने की घोषणा कर दी। इसलिए इस पार्किंग प्लाजा के निर्माण की घोषणा अधर में लटक गई। गांवदेवी में पार्किंग प्लाजा शुरू होने के बाद उसके बगल में दोपहिया पार्किंग पिछले दो साल से बंद कर दिया गया है। 

आरक्षित पार्किंग पर अवैध कब्जा

इनदिनों नौपाड़ा में आरक्षित पार्किंग पर अवैध कब्जा हो चुका है। ऐसे में पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण पार्किंग को लेकर कई बार मारपीट की घटना भी हो चुकी है। फिर भी मनपा के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। ठाणे शहर में भी वाहनों के लिए पार्किंग की पर्याप्त सुविधा नहीं है। हालाँकि मनपा ने कई बार इस समस्या को सुलझाने की कोशिश भी की लेकिन सारे प्रयास विफल रहे। गांवदेवी मैदान के नीचे महानगरपालिका ने अंडरग्राउंड पार्किंग की व्यवस्था की। अब वहां वाहन खड़े होने लगे हैं। लेकिन फिर भी ये जगह वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। 

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