Wales Parliament Discussion: इंग्लैंड की वेल्स संसद (सिनेड) में महाराष्ट्र विधानमंडल के प्रतिनिधिमंडल ने एक महत्वपूर्ण अध्ययन दौरा किया। इस दौरान महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे ने शाश्वत विकास और भविष्योन्मुखी नीतियों पर अपने विचार व्यक्त किए।
डॉ. गोर्हे ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले कुछ दशकों में विश्व तेजी से बदला है। 1944 से 1990 के बीच लोकतंत्र और कल्याणकारी राज्य को बढ़ावा देने के प्रयास हुए, लेकिन 1990 के बाद वैश्वीकरण, तकनीकी विकास, पलायन और अस्मिता की राजनीति ने दुनिया का स्वरूप बदल दिया। उन्होंने सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों से शाश्वत विकास लक्ष्यों तक की यात्रा को मानव-केंद्रित विकास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
उन्होंने बताया कि भारत में 2047 तक के विकास लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष आग्रह पर सरकार प्रतिवर्ष शाश्वत विकास लक्ष्य रिपोर्ट प्रस्तुत करती है। महाराष्ट्र में भी ‘भविष्य आयुक्त’ नियुक्त करने पर विचार चल रहा है, जिसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा सभी दलों के नेताओं से चर्चा कर उचित नीति तय की जाएगी।
अध्ययन दौरे के दौरान दो महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित किए गए। वेल्स सरकार के शाश्वत विकास विभाग के प्रमुख लॉइड हैरिस ने समृद्धि, स्वास्थ्य, समानता, सामाजिक समन्वय, संस्कृति संरक्षण और वैश्विक उत्तरदायित्व जैसे सात प्रमुख लक्ष्यों पर आधारित वेल्स की कार्यप्रणाली का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।
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फ्यूचर जनरेशन कमिश्नर डेरेक वॉकर ने “मैनेजिंग चेंज” विषय पर मार्गदर्शन देते हुए श्रमिक कल्याण, स्वास्थ्य सुधार और पुनर्चक्रण के क्षेत्र में वेल्स की उपलब्धियां साझा कीं।
कार्यक्रम के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर सभागार में उन्हें विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विधान परिषद सभापति राम शिंदे, डॉ. गोर्हे तथा वेल्स संसद के अधिकारियों ने महाराज को नमन किया।