FDA ने शाहरुख, अजय और टाइगर को जारी किया कारण बताओ नोटिस सोर्स- नवभारत डिजाइन फोटो
मुंबई

मन्नत तक पहुंचा FDA का नोटिस! पान मसाला के अप्रत्यक्ष प्रचार मामले में घिरे 3 बड़े बॉलीवुड सितारे

Vimal Elaichi Advertising Notice: विमल इलायची विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीनों से सरोगेट विज्ञापन को लेकर जवाब मांगा है।

अंकिता पटेल

Shah Rukh Ajay Tiger Vimal: मुंबई विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ मुश्किल में घिर गए हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

एफडीए का आरोप है कि विज्ञापन भले ही इलायची का प्रचार करता नजर आता है, लेकिन इसके जरिए प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष यानी सरोगेट विज्ञापन किया जा रहा है। एफडीए की ओर से अजय देवगन को उनके जुहू स्थित आवास और शाहरुख खान को बांद्रा स्थित 'मन्नत' पर नोटिस दिया गया।

वहीं, टाइगर श्रॉफ को नोटिस उनकी प्रोडक्शन कंपनी टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी के माध्यम से भेजा गया है। तीनों से विज्ञापन में उनकी भूमिका और प्रतिबंधित उत्पाद के कथित अप्रत्यक्ष प्रचार को लेकर जवाब मांगा गया है।

वहीं, टाइगर श्रॉफ को नोटिस उनकी प्रोडक्शन कंपनी टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी के माध्यम से भेजा गया है। तीनों से विज्ञापन में उनकी भूमिका और प्रतिबंधित उत्पाद के कथित अप्रत्यक्ष प्रचार को लेकर जवाब मांगा गया है।

धारा 24 में भ्रामक विज्ञापन पर रोक

एफडीए ने नोटिस में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 24 का हवाला दिया है। इस प्रावधान के तहत खाद्य पदार्थों से जुड़े ऐसे विज्ञापनों पर रोक है, जो भ्रामक हो या उपभोक्ताओं को धोखा देने की संभावना रखते हों। इसके साथ ही नोटिस में धारा 53 का भी उल्लेख किया गया है। इस धारा के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रकाशन या प्रचार से जुड़े लोगों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

विमल के सरोगेट विज्ञापन पर तीनों अभिनेताओं से मांगा जवाब

राज्य में पान मसाले पर प्रतिबंध

एफडीए के मुताबिक विमल ब्रांड पान मसाला उत्पादों से जुड़ा हुआ है। महाराष्ट्र में ऐसे प्रतिबंधित पान मसाला उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर

रोक है। यह प्रतिबंध खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे की ओर से 13 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत लगाया गया है और इसकी अवधि एक वर्ष बताई गई है।

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