Vijay Wadettiwar attacks CM: महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर महिला सशक्तिकरण को लेकर कड़ा प्रहार किया है। वडेट्टीवार ने फडणवीस की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए भाजपा की "कथनी और करनी" में अंतर होने का आरोप लगाया।
विजय वडेट्टीवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा का महिलाओं के प्रति प्रेम पूरी तरह से दिखावा है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया जिसमें मंच पर राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री, विधान परिषद की महिला उपसभापति, राज्यसभा की महिला सांसद और भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष मौजूद थीं।
वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि जब इतने बड़े पदों पर आसीन महिलाएं मंच पर थीं, तो केवल देवेंद्र फडणवीस ही क्यों बोल रहे थे? उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद किसी भी महिला नेता को बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जो यह दर्शाता है कि भाजपा में महिलाओं की उपस्थिति केवल प्रतीकात्मक या 'शो-पीस' के रूप में है।
विजय वडेट्टीवार ने आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा "केंद्रीय मंत्रिमंडल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व केवल 10% है, और राज्य के मंत्रिमंडल में भी महिलाओं की स्थिति वैसी ही है। यदि भारतीय जनता पार्टी की महिला सशक्तिकरण की भावना वास्तव में शुद्ध है, तो उन्हें तत्काल मंत्रिमंडल में फेरबदल करना चाहिए और महिलाओं को 33% आरक्षण देना चाहिए।"
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कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े नारे देती है और 'शक्ति' की बात करती है, लेकिन जब निर्णय लेने या प्रतिनिधित्व देने की बारी आती है, तो महिलाओं को हाशिए पर धकेल दिया जाता है। उन्होंने फडणवीस की प्रेस कॉन्फ्रेंस को भाजपा के "पुरुष प्रधान" अहंकार का उदाहरण बताया।यह हमला ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। विपक्ष लगातार बेरोजगारी, महंगाई और अब प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर सत्ताधारी महायुति (भाजपा-शिवसेना-एनसीपी) को घेरने की कोशिश कर रहा है।