बांग्लादेशी गिरफ्तार (कंसेप्ट फोटो, सोशल मीडिया) 
मुंबई

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पकड़े गए अवैध बांग्लादेशी, जाली पासपोर्ट किए बरामद

महाराष्ट्र में अवैध बांग्लादेशियों के घुसपैठ के मामले कम होते दिखाई नहीं दे रहे है। एक तरफ पुलिस पुराने बांग्लादेशियों को खदेड़ने पर लगे हुए है और दूसरी तरफ बांग्लादेशियों की घुसपैठ खत्म नहीं हो रहे है।

प्रिया जैस

मुंबई: मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अधिकारियों मुंबई में घूसते ही 2 अवैध बांग्लादेशियों को पकड़ लिया। अधिकारियों ने बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस की कार्रवाई में पता चला कि उनके पास दो पासपोर्ट भी बरामद हुए है।

बांग्लादेशियों को असली पहचान पुलिस ने कर ली है। इनमें शाबिकुन नाहर अबु अहमद नाम की एक महिला शामिल है, जिसने दो अलग-अलग नामों से भारतीय पासपोर्ट बनवाया था। कार्रवाई में पता चला कि इस पासपोर्ट का इस्तेमाल कर वह सऊदी अरब और बांग्लादेश की यात्रा भी कर चुकी थी।

वर्सोवा में पकड़े गए दो बांग्लादेशी

इसके अलावा, वर्सोवा पुलिस ने यारी रोड इलाके से दो अन्य बांग्लादेशी नागरिकों पिता मोनेर बख्तियार शेख और पुत्र बख्तियार दोसुर शेख को हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मुंबई की वर्सोवा पुलिस ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने और मुंबई में रहने के आरोप में दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए।

पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है और उनकी गतिविधियों और जाली दस्तावेज हासिल करने के तरीके की आगे की जांच शुरू कर दी है। इससे पहले गुरुवार को ठाणे पुलिस के मानव तस्करी निरोधक प्रकोष्ठ ने ठाणे पश्चिम के मनोर पाड़ा इलाके में अवैध रूप से रहने के आरोप में बांग्लादेशी मूल की चार महिलाओं को गिरफ्तार किया।

4 महिलाओं को किया था गिरफ्तार

गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान शाजिदा खातून (38), शालिना मुल्ला (50), रत्ना खातून (40) और रेशमा ढाली (40) के रूप में हुई है। 22 जनवरी को मुंबई में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की 8वीं अदालत ने तीन बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने और जाली दस्तावेजों के साथ रहने का दोषी पाए जाने पर कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई थी। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा द्वारा प्रस्तुत सबूतों के आधार पर एडिशनल सीजेएम कंचन झंवर ने यह फैसला सुनाया।

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला 24 अप्रैल, 2024 को शुरू हुआ, जब पुलिस स्टेशन प्रभारी मिलिंद काठे के नेतृत्व में आपराधिक खुफिया दस्ते को बिना उचित यात्रा दस्तावेजों के भारत में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में गोपनीय जानकारी मिली। इन व्यक्तियों पर भारतीय नागरिकता के जाली दस्तावेज बनाने और मुंबई में अवैध रूप से रहने का आरोप था।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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