विधानसभा में हंगामा, नाना पटोले एक दिन के लिए निलंबित (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
मुंबई

विधानसभा में हंगामा, नाना पटोले एक दिन के लिए निलंबित, सदन में आखिर क्या हुआ

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कथित तौर पर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा से नाना पटोले को दिनभर के लिए निलंबित कर दिया।

आंचल लोखंडे

मुंबई:राज्य के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे और भाजपा विधायक बबनराव लोनीकर के विवादित बयानों को लेकर आज विधानसभा में हाथापाई हो गई। लोनीकर और कृषि मंत्री लगातार राज्य के किसानों का अपमान कर रहे हैं।

इसलिए कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने मांग की कि मुख्यमंत्री को सदन में किसानों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कथित तौर पर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए पटोले को दिनभर के लिए निलंबित कर दिया।

सभागृह में वास्तव में क्या हुआ

मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को कांग्रेस विधायक नाना पटोले सदन में बोलने के लिए खड़े हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा, "लोनीकर और कृषि मंत्री कोकाटे किसानों का अपमान कर रहे हैं। किसान इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। मोदी आपके पिता हो सकते हैं, लेकिन वे किसानों के पिता नहीं हो सकते।" उन्होंने मांग की कि किसानों के लगातार अपमान के लिए मुख्यमंत्री माफी मांगें।

'किसानों से माफी मांगो' के नारे

इसके बाद विपक्षी बेंच पर बैठे विधायकों ने 'किसानों से माफी मांगो' जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर सदन में अफरा-तफरी मच गई। इस पर स्पीकर ने पटोले को समझाया कि असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है।

इस पर पटोले सीधे विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी के पास गए और जवाब मांगने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि इस संबंध में नियम तब बनाए गए थे, जब नाना पटोले ने विधानसभा अध्यक्ष रहते हुए राजदंड छुआ था। इसलिए सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए पटोले को दिनभर के लिए निलंबित किया जाता है।

अध्यक्ष पर हमला करना उचित नहीं: फडणवीस

इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी नाना पटोले की हरकतों पर नाराजगी जताई। किसी विषय पर भावना व्यक्त करना अलग बात है। लेकिन, राष्ट्रपति पर इस तरह से हमला करना ठीक नहीं है, जैसे राष्ट्रपति दोषी हों। राष्ट्रपति रह चुके लोगों का इस तरह से राष्ट्रपति पर हमला करना ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मांग की कि नाना पटोले माफी मांगें।

पटोले की कड़ी प्रतिक्रिया: प्रधानमंत्री कब से किसानों के मसीहा बन गए?

निलंबन के बाद मीडिया से बात करते हुए नाना पटोले ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, "भाजपा के विधायक और मंत्री कहते रहते हैं कि नरेंद्र मोदी किसानों के मसीहा हैं। लेकिन क्या वे सच में ऐसा कहते हैं? किसानों का लगातार अपमान किया जा रहा है, तो मोदी कैसे मसीहा हो सकते हैं?

मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से किसानों की आत्महत्याओं की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्हें सत्ता में लाने का यही कारण था?" पटोले ने कहा, "हम किसानों के लिए लड़ते रहेंगे। हमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।"

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