Uddhav Thackeray on Leader Auction (फोटो क्रेडिट-X)  
मुंबई

'IPL की तरह बिक रहे हैं महाराष्ट्र के नेता'; आम सभा में उद्धव ठाकरे का महायुति सरकार पर तीखा हमला

Uddhav Thackeray News: उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर साधा निशाना। बोले- राज्य में आईपीएल की तरह नेताओं की नीलामी हो रही है। 'खोके' सरकार को दी चेतावनी।

अनिल सिंह

Uddhav Thackeray on Politics Leader Auction: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक स्थिति की तुलना इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से करते हुए सरकार पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है। मुंबई में आयोजित एक विशाल आम सभा को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि जिस तरह आईपीएल में खिलाड़ियों की नीलामी होती है और उनके ऊपर करोड़ों की बोली लगती है, ठीक उसी तरह महाराष्ट्र में नेताओं की खरीद-फरोख्त का गंदा खेल चल रहा है। उन्होंने महायुति सरकार को 'नीलामी वाली सरकार' करार दिया।

उद्धव ठाकरे ने अपनी सभा में भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि आज विचारधारा का अंत हो गया है और केवल 'खोके' (पैसों) की राजनीति रह गई है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य की लोकतांत्रिक परंपराओं को बाजार बना दिया है। ठाकरे ने कहा, "जनता देख रही है कि कैसे निष्ठा को पैसों के लिए बेचा जा रहा है, लेकिन याद रखें, जनता कोई खिलाड़ी नहीं है जो बिक जाएगी।"

'गद्दारों' और 'खोके' सरकार पर वार

उद्धव ठाकरे ने शिंदे गुट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस तरह क्रिकेट के मैच में सट्टेबाजी होती है, वैसे ही आज महाराष्ट्र के भविष्य पर सट्टा लगाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई की संपत्तियों को अपने उद्योगपति मित्रों के हाथों में बेचने के लिए नेताओं की यह 'नीलामी' आयोजित की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता के मतों की नीलामी करने वालों को आने वाले समय में करारा सबक सिखाया जाएगा।

2026 के राजनीतिक समीकरण और बेरोजगारी

सभा के दौरान उद्धव ठाकरे ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार आईपीएल के मनोरंजन में जनता को उलझाकर रखना चाहती है, जबकि असली खेल युवाओं के भविष्य के साथ खेला जा रहा है। ठाकरे ने सवाल किया कि अगर नेताओं की कीमत करोड़ों में है, तो आम जनता के जीवन की कीमत शून्य क्यों है? उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविकास अघाड़ी (MVA) इस 'पैसे के खेल' को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सत्य की जीत का आह्वान

उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण का अंत भावुक अपील के साथ किया। उन्होंने समर्थकों से आह्वान किया कि वे इस 'नीलामी संस्कृति' के खिलाफ एकजुट हों। उन्होंने कहा कि सत्ता बंदूक या पैसे के जोर पर मिल सकती है, लेकिन जनता का प्यार और सम्मान खरीदा नहीं जा सकता। ठाकरे की इस सभा ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, विशेषकर ऐसे समय में जब राज्य में बड़े प्रशासनिक और चुनावी बदलावों की सुगबुगाहट तेज है।

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