एमएमआरडीए (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Thane से साउथ मुंबई सफर अब सिर्फ 25–30 मिनट, MMRDA ने फ्रीवे एक्सटेंशन शुरू किया

MMRDA ने ठाणे से साउथ मुंबई को जोड़ने वाले 13.9 किमी एलीवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन का काम शुरू किया।प्रोजेक्ट पूरा होने पर यात्रा समय घटकर 25–30 मिनट रह जाएगा और ट्रैफिक दबाव में बड़ी राहत मिलेगी।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: ठाणे से साउथ मुंबई तक का सफर जल्द ही आम यात्रियों के लिए बेहद आसान और तेज होने वाला है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथारिटी (एमएमआरडीए) ने बहुप्रतीक्षित एलीवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है।

यह प्रोजेक्ट ठाणे से मुंबई के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। एमएमआरडीए द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, करीब 13।9 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पूरी तरह एलीवेटेड होगा और इसे 6 लेन के हाई-स्पीड लिंक के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

प्रोजेक्ट पूरा होने पर ठाणे और साउथ मुंबई के बीच यात्रा का समय घटकर 25 से 30 मिनट रह जाएगा। बर्तमान में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भारी ट्रैफिक के कारण यह सफर अक्सर एक घंटे से अधिक का हो जाता है।

नए फ्रीवे से ट्रैफिक दबाव में बड़ी कमी की उम्मीद यह फ्रीवे ठाणे के जेवीएलआर, आनंद नगर से शुरू होकर छेड़ा नगर (घाटकोपर) तक बनेगा, इसके रास्ते में यह मुलुंड, ऐरोली विक्रोली, कंजूरमार्ग, मानखुर्द और घाटकोपर जैसे प्रमुख जंक्शनों को जोड़ेगा।

ठाणे में यह नया कॉरिडोर आनंद नगर साकेत एलीवेटेड रोड से आसानी से जुड़ेगा, जिससे यात्रा बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेगी। यह लिंक आगे समृद्धि महामार्ग तक कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, जिससे लंबी दूरी का ट्रैवल भी तेज और सुविधाजनक होगा।

अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट शुरू होने के साथ ही मुंबई-ठाणे मार्ग पर ट्रैफिक दबाव में स्पष्ट राहत दिखाई देगी। हाई-स्पीड फ्रीवे से न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा बल्कि वाहन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।

तेजी से आगे बढ़ रहा निर्माण कार्यः MMRDA

एमएमआरडीए के अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट की शुरुआती तैयारी सर्वे, टेस्ट पाइल्स और ज्यादातर जियोटेक्निकल इन्वेस्टिगेशन पूरी हो चुकी है। यूटिलिटी आइडेंटिफिकेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। वर्किंग पाइल्स का कार्य प्रगति पर है। वही पियर कास्टिंग भी शुरू हो गया है। अब परियोजना के विभिन्न हिस्सों में एक साथ निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर कॉरिडोर को पूरा किया जा सके।

नई तकनीकें पहली बार मुंबई में

यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पहली बार मुंबई क्षेत्र में सिंगल पाइल-सिंगल पियर सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। मुख्य तकनीकी विशेषताओं में 2।5 मीटर व्यास वाले मोनोपाइल्स, मजबूत पियर संरचना, 40 मीटर का स्पैन और 25 मीटर सिंगल सेगमेंट सुपर-स्ट्रक्चर शामिल है। फ्रीवे पर चढ़ने उतरने के लिए मुलुंड चेक नाका, आइरोली जंक्शन और विक्रोली जंक्शन पर अप-डाउन रैम्प बनाए जाएंगे। जबकि नवपर फ्लाईओवर के पास दोनों दिशाओं में 3-लेन टोल प्लाजा तैयार किया जाएगा।

यात्रियों को सीधा फायदा

अधिकारियों का कहना है कि यह फ्रीवे सिर्फ यात्रा का समय कम नहीं करेगा, बल्कि ठाणे-मुंबई के इकोनॉमिक कॉरिडोर को भी मजबूत करेगा, तेज और व्यवस्थित यातायात से यात्री और मालवाहक वाहनों दोनों की आवाजाही में सुधार होगा।

यह प्रोजेक्ट एक ऐसे समय में आ रहा है जब महानगर में सड़क और मेट्रो नेटवर्क को तेजी से अपग्रेड किया जा रहा है। ईस्टर्न शीवे एक्सटेंशन पूरा होने के बाद इसकी उपयोगिता न सिर्फ ठाणे और मुंबई तक सीमित रहेगी बल्कि पूरे मुंबई महानगरीय क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी।

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