Mumbai Traffic Police Drunk And Drive Crackdown: मुंबई में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और यातायात नियमों को सख्त करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों (ड्रंक एंड ड्राइव) के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।
वर्ष 2026 के नौ महीनों (जनवरी से सितंबर) में ही पुलिस ने 5,181 मामले दर्ज किए हैं, जो कि पूरे 2025 वर्ष के कुल मामलों (3,728) की तुलना में कहीं अधिक हैं।
यातायात विभाग की इस कड़ाई का असर अपराधियों के ड्राइविंग लाइसेंस पर भी पड़ा है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) ने पुलिस विभाग के प्रस्तावों के आधार पर 2,399 दोषियों के ड्राइविंग लाइसेंस
निलंबित कर दिए हैं। यातायात विभाग के संयुक्त आयुक्त सत्य नारायण चौधरी ने स्पष्ट किया कि नशे में वाहन चलाने की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नशे में गाड़ी चलाने से न केवल चालक, बल्कि निर्दोष लोगों और पुलिसकर्मियों की जान भी जोखिम में पड़ती है। इस साल ऐसी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। फरवरी में दहिसर पुलिस स्टेशन के पास एक नशे में धुत चालक ने अपनी कार से खड़ी बाइक और पुलिस फॉरेंसिक वैन को टक्कर मार दी, जिससे बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई थी।
वहीं, जुलाई में खार लिंकिंग रोड पर जांच से बचने की कोशिश में एक तेज रफ्तार एसयूवी ने पुलिस गश्ती बाइक को टक्कर मार दी, जिससे कांस्टेबल अशोक बोरुडे गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने और अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने से अपराधियों के रोजगार और करियर की संभावनाओं पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
पुलिस का लक्ष्य इस सख्त कार्रवाई के जरिए चालकों में डर पैदा करना और मुंबई की सड़कों को सुरक्षित बनाना है।