बीएमसी (pic credit; social media) 
मुंबई

Mumbai में निर्माण स्थलों पर वायु प्रदूषण सेंसर अनिवार्य, बीएमसी ने जारी किया नोटिस

Mumbai में बीएमसी ने निर्माण स्थलों पर वायु प्रदूषण सेंसर 30 दिनों में लगाने का आदेश दिया है। पालन न करने वाले डेवलपर्स पर जुर्माना और कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: बीएमसी ने मुंबई में निर्माण कार्यों में शामिल रियल एस्टेट कंपनियों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। बीएमसी ने इन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अगले 30 दिनों के भीतर सभी प्रोजेक्ट स्थलों पर वायु प्रदूषण निगरानी सेंसर लगाएं।

बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, शहर में लगभग 1,200 ऐसे निर्माण स्थल हैं, जिनमें से केवल 45 प्रतिशत रियल एस्टेट संचालकों ने अब तक सेंसर लगाए हैं। बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि "अब तक लगभग 550 डेवलपर्स ने ये मॉनिटर लगा लिए हैं, जबकि करीब 200 डेवलपर्स इन्हें खरीदने और लगाने की प्रक्रिया में हैं।

इन सेंसरों को लगाने का निर्देश 2023 में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद जारी किया गया था, जिसमें बीएमसी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था कि शहर में निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

जून 2025 में अधिकारियों ने निजी बिल्डरों के लिए इन सेंसरों को लगाने के लिए अनिवार्य किया था ताकि रियल-टाइम डेटा के माध्यम से निर्माण स्थलों पर धूल की स्थिति की निगरानी की जा सके। बीएमसी की मुंबई एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन प्लान रिपोर्ट में निर्माण स्थलों की धूल को मुंबई के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में गिरावट का प्रमुख कारण बताया गया था।

निर्माणाधीन स्थल पर एलईडी बोर्ड

  • ये सेंसर छोटे उपकरण होते हैं जो हवा में मौजूद धूल कणों का विश्लेषण कर किसी स्थान का एअर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बताते हैं।
  • अधिकारियों ने बताया कि इन सेंसरों से मिलने वाले डाटा की निगरानी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव और मलबा ढकने जैसे धूल नियंत्रण उपाय अपनाए जा रहे हैं या नहीं। प्रत्येक निर्माणाधीन स्थल पर एलईडी बोर्ड लगाए जाएंगे, जिन पर इन सेंसरों से प्राप्त एक्यूआई रीडिंग प्रदर्शित होगी।

जुर्माना लगाया जाएगा

  • यह डाटा सिस्टम में एकीकृत किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी स्थान पर लगातार खराब एक्यूआई दर्ज होता है, तो संबंधित डेवलपरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
  • बीएमसी ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) के साथ मिलकर प्रत्येक 24 प्रभागों में निरीक्षण दल तैनात किए जाएंगे, जो निर्माण स्थलों पर धूल फैलाने जैसी उल्लंघनों की निगरानी करेंगे। 30 दिनों की यह समयसीमा नवंबर में समाप्त होगी, और बीएमसी ने चेतावनी दी है कि जो कंपनियां इस अवधि में सेंसर नहीं लगातीं, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।

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