Uddhav vs Raj Thackeray (सोर्सः सोशल मीडिया) 
मुंबई

Maharashtra politics: ठाकरे बंधुओं में बढ़ी खटास! संजय राउत का ‘नो कमेंट’

Thackeray Brothers Rift: मुंबई महापालिका चुनाव से पहले उद्धव और राज ठाकरे के बीच खटास की चर्चा तेज, नगरसेवक पदों के बंटवारे पर संजय राउत का ‘नो कमेंट’।

आंचल लोखंडे

Mumbai News: मुंबई महापालिका चुनाव से पहले मराठी अस्मिता के मुद्दे पर एकजुट हुए ठाकरे बंधुओं (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) के गठबंधन में अब खटास बढ़ने लगी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से राज ठाकरे की हाल ही में हुई मुलाकात उद्धव ठाकरे गुट को नागवार लगी है। परिणामस्वरूप स्वीकृत नगरसेवक पदों के बंटवारे के मामले में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने एकतरफा निर्णय लेते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को झटका दिया है।

इस बारे में पूछे गए सवाल पर यूबीटी सांसद संजय राउत ने सीधे जवाब देने से परहेज किया और केवल “नो कमेंट” कहकर पल्ला झाड़ लिया। यूबीटी के साथ गठबंधन में बीएमसी चुनाव लड़ने वाली मनसे को उम्मीद थी कि उद्धव गुट को मिले तीन स्वीकृत नगरसेवक पदों में से कम से कम एक पद उन्हें दिया जाएगा। लेकिन ठाकरे गुट ने तीनों पदों पर अपने ही नेताओं (साईनाथ दुर्गे, माधुरी मांजरेकर और कैलास पाठक) के नामों को मंजूरी दे दी। इससे मनसे नेताओं में भारी नाराजगी फैल गई और उन्होंने “संकीर्ण मानसिकता वाले लोग” जैसे कड़े शब्दों में आलोचना की।

“नो कमेंट”

दूसरी ओर राज ठाकरे ने भी शिंदे से अपनी मुलाकात को सही ठहराते हुए यूबीटी को हर मामले में राजनीति न करने की नसीहत दी। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि वे भविष्य में डीसीएम शिंदे से फिर मिलेंगे और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात करेंगे। इससे ठाकरे बंधुओं के फिर अलग होने की अटकलें तेज हो गई हैं। इसी पृष्ठभूमि में युति में आई दरार के संबंध में पूछे गए सवाल पर राउत ने सीधे “नो कमेंट” कहकर बात टाल दी।

क्या कहा राउत ने?

सांसद संजय राउत ने कहा कि “महानगरपालिका की राजनीति अलग है और पार्टी का काम अलग। मैं व्यक्तिगत रूप से इन नियुक्तियों की प्रक्रिया में शामिल नहीं होता। मनसे के साथ हमारी युति आज भी कायम है और अंतिम निर्णय दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व ही लेगा।”

गठबंधन बचाने का प्रयास जारी

सूत्रों का दावा है कि यूबीटी ने मनसे को बीएमसी में अपने हिस्से के दो प्रभाग समिति अध्यक्ष पद देने का प्रस्ताव रखा है। उद्धव गुट को कुल सात प्रभाग समिति अध्यक्ष पद मिल रहे हैं, जिनमें से एक-दो पद मनसे को देने पर सकारात्मक चर्चा हो रही है। मनसे नेता संदीप देशपांडे की उपस्थिति में मनसे के गुटनेता यशवंत किल्लेदार और ठाकरे गुट के सचिव सूरज चव्हाण के बीच प्रारंभिक बैठक भी हो चुकी है।

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