Zakir Naik Malaysia Connection: महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब शिवसेना नेता संजय निरुपम ने TCS Nashik Case में एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का सनसनीखेज आरोप लगाया। मीडिया से बात करते हुए निरुपम ने दावा किया कि इस मामले के तार न केवल मलेशिया से जुड़े हैं, बल्कि इसमें विवादित उपदेशक जाकिर नाइक और ISI की भूमिका भी संदिग्ध है।
संजय निरुपम ने बताया कि विशेष जांच दल की जांच में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और किसी को भी जमानत नहीं मिली है। इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान और उसके परिवार को पुलिस ने एक स्थानीय AIMIM कॉर्पोरेटर के घर से गिरफ्तार किया है। निरुपम ने आरोप लगाया कि निदा खान ने खुद स्वीकार किया है कि वह लोगों को नमाज पढ़ाना सिखाती थी, जिससे स्पष्ट होता है कि इसमें एक गहरी साजिश शामिल है। उन्होंने यह भी मांग की कि SIT को अपनी पूरी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए, जिसमें उन लोगों के नाम हों जो इस पूरे नेटवर्क को फंड दे रहे हैं। निरुपम के अनुसार, निदा खान और एक अन्य आरोपी दानिश को अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से फंड मिल रहा था, जिसका सीधा संबंध मलेशिया और पाकिस्तान से होने की प्रबल संभावना है।
निरुपम ने भारत के भगोड़े उपदेशक जाकिर नाइक का नाम लेते हुए सवाल उठाया कि क्या निदा खान और दानिश सीधे तौर पर नाइक के संपर्क में थे। जाकिर नाइक, जिस पर मनी लॉन्ड्रिंग और नफरत फैलाने के आरोप हैं, वर्तमान में मलेशिया में रह रहा है। निरुपम ने कहा कि मलेशिया का संबंध अब स्पष्ट हो गया है और इसमें ISI की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी मलेशिया यात्रा के दौरान आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक रुख अपनाने पर जोर दिया था और जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज से जुड़े एक मामले में छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के प्रयास के आरोप लगे। इस संबंध में अब तक 9 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। 23 मई को पुलिस ने एक मामले में 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। मुख्य आरोपी निदा खान फिलहाल नासिक रोड सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में है।
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धर्मांतरण मामले के साथ-साथ संजय निरुपम ने देश में चल रहे NEET परीक्षा विवाद पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नासिक मामले की जांच जितनी जरूरी है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण NEET पेपर लीक को रोकना है। उन्होंने चौंकाने वाला आंकड़ा देते हुए बताया कि इस अनियमितता के कारण अब तक 17 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह छात्रों को ठोस गारंटी दे कि भविष्य में कभी पेपर लीक नहीं होगा।
इस प्रकार, नासिक का यह धर्मांतरण मामला अब केवल स्थानीय अपराध नहीं रह गया है, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और देश की शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को एक साथ जोड़ दिया है। अब देखना यह है कि SIT की आगामी रिपोर्ट में और कौन से बड़े चेहरे बेनकाब होते हैं।