प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

Borivali में सरकारी नौकरी का झांसा, सस्पेंडेड CISF अधिकारी गिरफ्तार

Bombay Job Scam: बोरीवली पुलिस ने सरकारी नौकरी का झांसा देकर 3 लाख रुपये ठगे सस्पेंडेड CISF अधिकारी को गिरफ्तार किया। जांच जारी है, नागरिक सतर्क रहें।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: बोरीवली पश्चिम के एमएचबी पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक सस्पेंडेड सीआईएसएफ अधिकारी को गिरफ्तार किया है।

आरोपी नीलेश काशीराम राठौर (35) ने सीआईएसएफ में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से करीब 3 लाख रुपये ऐंठे और उसके बाद फरार हो गया।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित एमएचबी पुलिस स्टेशन क्षेत्र का रहने वाला है। आरोपी ने खुद को प्रभावशाली सीआईएसएफ अधिकारी बताया और नौकरी दिलाने का भरोसा देकर किश्तों में राशि वसूली। लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने और आरोपी के टालमटोल करने के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी सस्पेंडेड सीआईएसएफ अधिकारी है। इससे पहले भी उसके खिलाफ ईओडब्ल्यू में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।

दलाल के झांसे में न आए

आधिकारिक बयान में बताया गया कि गिरफ्तार आरोपी के कई अन्य शिकार भी हो सकते हैं और जांच को व्यापक रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में लोग सतर्क रहें और किसी भी अधिकारी या दलाल के झांसे में न आए।

एमएचबी पुलिस ने स्पष्ट किया कि ठगी के ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई करना बेहद जरूरी है और यह गिरफ्तारी अन्य संभावित ठगी को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस मामले में पुलिस ने स्थानीय नागरिकों को चेताया है कि किसी भी नौकरी या सरकारी पद के वादे पर तुरंत विश्वास न करें, विशेष रूप से यदि बड़ी रकम की मांग की जाए।

ज्ञानेश कुमार पर बवाल के बीच मुख्य चुनाव अधिकारी का VRS, आरएस गोपालन ने बताई इस्तीफे की वजह

कुमाऊं में भीषण भूस्खलन, भरभराकर गिरा पहाड़, उत्तराखंड के 7 पर्वतीय जिलों में बारिश का अलर्ट

भारत के लिए अक्टूबर कूटनीति का व्यस्त महीना, जानें कौन-सी तारीखें हैं बेहद खास

Who is Smit Machchhar? फ्लाईदुबई घटना में घायल होने के बाद भी बचाई 174 लोगों की जान

हर शनिवार को बंद रहेंगे बैंक, वित्त मंत्रालय की नोटिफिकेशन सोशल मीडिया पर वायरल, जानें क्या है सच?