ट्रोल करने वालों को सुषमा अंधारे का करारा जवाब (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

कार्टून वॉर: सुषमा अंधारे ने विरोधियों को दिखाया आईना, पाला बदलने वाले नेताओं पर साधा निशाना

Sushma Andhare on Cartoon Trolling: सुषमा अंधारे ने नामांकन न मिलने पर ट्रोल करने वालों को दिया जवाब। कार्टून साझा कर दलबदल करने वाले बड़े नेताओं पर साधा तीखा निशाना।

अनिल सिंह

Sushma Andhare On Her Cartoon: महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है, जिसमें शिवसेना (UBT) ने अंबदास दानवे को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस दौरान सुषमा अंधारे को नामांकन न मिलने पर सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाया जा रहा था। भाजपा कामगार सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा साझा किए गए एक कार्टून पर प्रतिक्रिया देते हुए अंधारे ने इसे एक सुंदर विचार बताया, जिसमें वे आदरपूर्वक अपने पार्टी प्रमुख से मांग कर रही हैं।

सुषमा अंधारे ने स्पष्ट किया कि राजनीति में विचारधारा के प्रति वफादारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य अपने मुखिया से ही मांग करते हैं और यदि मांग पूरी नहीं होती, तो वे नया मुखिया नहीं ढूंढते। उन्होंने कटाक्ष किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं की रोजी-रोटी इसी तरह की ट्रोलिंग पर चलती है, इसलिए वे उन्हें माफ करती हैं।

दलबदल करने वाले नेताओं की खोली पोल

अंधारे ने अपने पोस्ट के जरिए उन नेताओं की लंबी सूची साझा की जिन्होंने समय-समय पर अपनी राजनीतिक निष्ठा बदली है। उन्होंने नारायण राणे का उदाहरण देते हुए कहा कि जो कभी बालासाहेब ठाकरे को पिता मानते थे, वे बाद में सोनिया गांधी और अब नागपुर (आरएसएस) के अनुयायी बन गए हैं। इसी तरह, उन्होंने अशोक चव्हाण पर तंज कसते हुए कहा कि ईडी कार्यालय के दबाव में उनका 'गोत्र' ही बदल गया।

सहयोगियों और विरोधियों पर तीखे तीर

अंधारे ने अपने प्रहार में सदाभाऊ खोट, महादेव जानकर और प्रज्ञा सातव जैसे नेताओं का भी जिक्र किया जिनकी भूमिकाएं समय के साथ बदल गईं। उन्होंने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो शरद पवार को अपना राजनीतिक पिता मानते थे, लेकिन बाद में सत्ता के लिए देवेंद्र फडणवीस के 'वंश वृक्ष' के सामने नतमस्तक हो गए। सांगली के चंद्रहार पाटिल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिनके लिए पूरी कांग्रेस से दुश्मनी ली, वे भी अचानक बदल गए।

विचारधारा के प्रति अडिग रहने का संकल्प

अंत में, सुषमा अंधारे ने गर्व के साथ कहा कि उन्हें यह कार्टून इसलिए पसंद आया क्योंकि इसमें वे अपने 'परिवार के मुखिया' के साथ खड़ी दिखाई दे रही हैं। उन्होंने संकेत दिया कि व्यक्तिगत लाभ के लिए विचारधारा छोड़ना उनके स्वभाव में नहीं है। अंधारे का यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे उनकी ओर से विपक्ष को दी गई एक बड़ी वैचारिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

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