Supreme Court Hearing Shiv Sena: शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ को लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई जारी है। मामले की लगातार सुनवाई के बीच आज 18 अगस्त को अदालत में उद्धव ठाकरे गुट यानी शिवसेना (यूबीटी) की ओर से दलीलें रखी जाएंगी।
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल उद्धव ठाकरे गुट की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रख रहे हैं। ठाकरे गुट का कहना है कि चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना मानते हुए जो फैसला दिया था, वह गलत है। इसी फैसले को चुनौती देते हुए यूबीटी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
यूबीटी की ओर से दलील दी गई है कि संविधान और दलबदल विरोधी कानून की ऐसी व्याख्या नहीं की जानी चाहिए, जिससे दल-बदल को बढ़ावा मिले। ठाकरे गुट का जोर इस बात पर है कि राजनीतिक दल की पहचान केवल विधायक दल की संख्या के आधार पर तय नहीं की जा सकती।
सुप्रीम कोर्ट इस मामले में विधायक दल की संख्या और मूल राजनीतिक संगठन के अधिकारों के बीच संतुलन के मुद्दे पर भी विचार कर रहा है। अदालत के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल है कि किसी राजनीतिक दल पर अधिकार तय करते समय निर्वाचित प्रतिनिधियों की संख्या और पार्टी के मूल संगठन की भूमिका को किस तरह देखा जाए।
शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने को मंजूरी देने के लोकसभा अध्यक्ष के फैसले को भी चुनौती दी गई है। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल दो सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दी है।
शिवसेना के नाम, चुनाव चिह्न और पार्टी पर अधिकार से जुड़ा यह मामला उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे दोनों गुटों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान संविधान, दलबदल विरोधी कानून और राजनीतिक संगठन के अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर दलीलें रखी जा रही हैं।