सुनेत्रा पवार- हर्षवर्धन सपकाल  एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
मुंबई

गूंगी गुड़िया हैं सुनेत्रा पवार, हर्षवर्धन सपकाल का विवादित बयान; महाराष्ट्र में छिड़ा सियासी घमासान

Maharashtra Politics : बीड दौरे के वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस द्वारा सुनेत्रा पवार को लेकर की गई 'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है।

आंचल लोखंडे

Maharashtra Political Controversy: हाल ही में हुए सीजेपी के आंदोलन में जेन झी की भाषा पर सवाल उठाए गए लेकिन अब महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए शब्द की एंट्री ने बवाल मचा कर रख दिया है। हालांकि यह शब्द जेन झी का नहीं बल्की राजनीति के ही कुछ पुराने पन्नों का हिस्सा रहा है। दरअसल, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के बीच एक नया विवाद छिड़ गया है। बीड दौरे का एक वीडियो वायरल हो रहा है।

इसमें उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार शांत बैठी नजर आ रही हैं, जबकि विधायक धनंजय मुंडे बोल रहे हैं। इसके बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार पर तंज कसते हुए उन्हें गूंगी गुड़िया कहा, कांग्रेस ने यह वीडियो शेयर करते हुए सवाल भी किया है कि सुनेत्रा पवार, कब तक "गूंगी गुड़िया" बनी रहेंगी? अब कांग्रेस की इस आलोचना पर राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से पलटवार किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने भी कांग्रेस को कड़ा जवाब दिया है।

सपकाल ने दी सफाई

इस मौके पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कांग्रेस द्वारा सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' कहे जाने पर सफाई दी है। अगर नेताओं पर सामाजिक कार्य या राजनीति में कोई आरोप लगे तो उन्हें पत्रकारों के सवालों का जवाब देना चाहिए। लेकिन, एक व्यक्ति जिसपर गुंडा होने का आरोप है वह पत्रकारों से तु-ता की भाषा में बात कर रहा है। लेकिन, उपमुख्यमंत्री वहां कुछ बोलती नहीं हैं और उनके सामने पत्रकारों को चुप करा दिया जाता है, जो लोकतंत्र और सामाजिक जीवन को शोभा नहीं देता है। कांग्रेस के ट्वीट के बारे में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि इसलिए, "गूंगी गुड़िया" शब्द का इस्तेमाल वहां उनकी भूमिका के अनुसार किया गया है।

गूंगी गुड़िया यह कोई गलत शब्द नहीं: सपकाल

गूंगी गुड़िया एक विवरण है, यह कोई गलत शब्द नहीं है। क्योंकि, सुनेत्रा पवार बोलती नहीं हैं, वह अजित पवार के एक्सीडेंट के बारे में नहीं बोलती हैं, वह इस बारे में नहीं बोलती हैं कि केस रजिस्टर होना चाहिए या नहीं, वह इस बारे में नहीं बोलती हैं कि अर्थ खाता कब दिया जाएगा। BJP का प्रेशर है, इसलिए वह नहीं बोलती हैं। हालांकि, हर्षवर्धन सपकाल ने 'गूंगी गुड़िया' की आलोचना का समर्थन करते हुए कहा है कि यह एक संविधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का व्यवहार ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें हमारी आलोचना समझनी चाहिए, हमें ज्ञान न सिखाएं।

इंदिरा गांधी को गूंगी गुड़िया कहा गया था: सपकाल

आगे सपकाल ने कहा कि इंदिरा गांधी को गूंगी गुड़िया कहा जाता था, उन्होंने अपने काम से जवाब दिया तो उन्हें लौह प्रधानमंत्री कहा गया। बाद में अटलजी ने उन्हें दुर्गा भी कहा। सपकाल ने यह भी कहा कि अगर हमने आलोचना के माध्यम से गूंगी गुड़िया कहा है, तो उन्हें साबित करना चाहिए कि वह दुर्गा हैं। इसमें वे आर्थिक हिसाब-किताब लें, किसानों का कर्ज माफ करें, स्मार्ट मीटर की समस्या का समाधान करें। सपकाल ने मांग की कि अजीत दादा की दुर्घटना रिपोर्ट भी दी जाए।

एक घाव, दो टुकड़े वाला निर्णय ले: सपकाल

देवेंद्र फडणवीस राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मंत्रियों के खातों पर ध्यान नहीं देते, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अमित शाह की थाली के नीचे की बिल्ली बन गई है। अब चुनाव आयोग ने उन्हें एक पत्र दिया है, जिसमें दोनों बच्चों को पद पर नियुक्त करने पर सवाल उठाए गए हैं। हर्षवर्धन सपकाल ने भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को सलाह दी है कि विरोध करने से कुछ नहीं होगा। सुनेत्रा वाहिनी ने एक घाव, दो टुकड़े वाला निर्णय लेना चाहिए।

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