एकनाथ शिंदे और संजय राउत के बीच शुरू हुई जुबानी जंग (सौ. डिजाइन फोटो ) 
मुंबई

उद्धव गुट के 6 सांसदों की एंट्री से जागा एकनाथ शिंदे का पुष्पा अंदाज, बोले- छेड़ोगे तो पड़ेगा पछताना

Uddhav Thackeray MPS Join Eknath Shinde Shiv Sena Group: महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम के बाद शिंदे और संजय राऊत के बीच तीखी जुबानी जंग भी देखने को मिली।

अपूर्वा नायक

Uddhav Thackeray MPS Join Eknath Shinde Shiv Sena: सोमवार को उद्धव ठाकरे गुट के 6 बागी सांसद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। इस मौके पर शिंदे ने अपने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा कि मुझे छेड़ोगे तो तुम्हें पछताना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि आज मेरे साथ एक नहीं, बल्कि 6 टाइगर मौजूद हैं और इस बार हमने छक्का मारा है। शिंदे ने कहा कि 2022 में हुई बगावत पार्टी की भगवा सोच और उसके 'धनुष-बाण' निशान को बचाने के लिए शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से मीडिया में ऑपरेशन टाइगर की चर्चा चल रही थी, जो पूरी हो गई है।

उद्धव का साथ छोड़ थामा शिंदे का हाथ

जिन सांसदों ने उद्धव का साथ छोड़ शिंदे गुट का दामन थाम लिया है उनमें संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-आष्टीकर और ओमप्रकाश राजे निंबालकर हैं। शिंदे ने कहा कि ये सभी सांसद उद्धव ठाकरे की पार्टी में खुश नहीं थे। उनकी बातों को नहीं सुना जाता था।

इससे नाराज होकर इन सभी सांसदों ने असली शिवसेना में वापस लौटने का फैसला किया। ऐसे में विरोधी पक्ष के नेताओं को सिर्फ मेरी आलोचना करने की जगह इस बात पर मंधन करना चाहिए कि उनके सांसद पार्टी छोड़कर क्यों जा रहे हैं।

दल-बदल विरोधी कानून के मुताबिक लोकसभा में अयोग्य घोषित होने से बचने के लिए बागी गुट को कम से कम 6 सांसदों यानी कुल 9 सांसदों के दो-तिहाई के समर्थन की जरूरत थी। ऐसे में शिंदे गुट में शामिल होने बाद इन सभी 6 बागी लोकसभा के सदस्य बने रहेंगे।

ये जीना भी क्या जीना है लल्लू : राऊत

यूबीटी के प्रवक्ता संजय राऊत ने बागी सांसदों पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे ने 6 टाइगर को नहीं बल्कि 6 गद्दारों को पैदा किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्थिति को संभालने के लिए आगे शिंदे को सर्जरी करनी पड़ेगी।

50-50 करोड़ में बिके चार सांसद मुंबई एयरपोर्ट पर उतरे और हथियारबंद पुलिस पहरे में डरे हुए चेहरे के साथ बाहर निकले। उन्होंने अमिताभ बच्चन की एक फिल्म के डायलॉग का जिक्र करते हुए बागियों पर नमक रगड़ते हुए कहा कि 'ये जीना भी क्या जीना है लल्लू, यूबीटी प्रवक्ता ने एक और फिल्म का हवाला देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में इन बागियों की अगली पीढ़ी को लोगों से यह आलोचना झेलनी पड़ेगी कि मेरा बाप, पति और नाना गद्दार था।"

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