

Maharashtra Weather Forecast: भीषण गर्मी और उमस के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मुंबई में दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज के लिए महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए 23 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। जहां एक ओर कोंकण और मुंबई में मानसून सक्रिय हो गया है, वहीं विदर्भ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मुंबई और इसके उपनगरों में रविवार सुबह से ही अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है और नागरिकों को चिलचिलाती धूप से राहत मिली है। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के लिए आज से 24 जून तक 'यलो अलर्ट' जारी किया है। सोमवार को मुंबई में बादल छाए रहने और मध्यम बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम तापमान 28°C के आसपास रहने का अनुमान है। वैज्ञानिकों के अनुसार, 25 और 26 जून को मानसून और मजबूत होगा, जिससे मुंबई में मूसलाधार बारिश हो सकती है।
विदर्भ क्षेत्र में मौसम के दो विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं। नागपुर, गोंदिया और चंद्रपुर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना के कारण 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। गडचिरोली में भी भारी बारिश और तूफान की चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर, अकोला, अमरावती और यवतमाल जैसे जिलों में अब भी भीषण गर्मी और उष्ण लहर (Heatwave) का प्रभाव बना हुआ है। तापमान की बात करें तो परभणी में अधिकतम तापमान 39.5°C और जलगांव में 39.4°C रिकॉर्ड किया गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है।
बारिश के आगमन के बावजूद, मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों का जल स्तर चिंता का विषय बना हुआ है। आज की सुबह तक, सभी सात जलाशयों में कुल उपयोगी जल भंडार केवल 8.34% था, जो पिछले वर्ष इसी समय 26.84% था। वहीं, खेती के मोर्चे पर, महाराष्ट्र में जून के पहले पखवाड़े में सामान्य से केवल 26% बारिश हुई है। इस कमी को देखते हुए सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि वे बुवाई के कार्यों में जल्दबाजी न करें और मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने का इंतजार करें।
मौसम विभाग ने 'यलो अलर्ट' वाले क्षेत्रों (जैसे कोल्हापुर, सतारा, सांगली, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, बीड, लातूर और धाराशिव) में बिजली कड़कने और आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। राज्य में अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे उमस भरे मौसम से आंशिक राहत मिल सकती है।