उद्धव ठाकरे और संजय राउत (सोर्सः सोशल मीडिया) 
मुंबई

दिल्ली-बिहार अग्निकांड पर ठाकरे गुट ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना, जानें सामना के उस संपादकीय में क्या लिखा?

Shivsena UBT Slams BJP: दिल्ली और बिहार अग्निकांड पर शिवसेना ने भाजपा सरकार की आलोचना की कर, ‘सामना’ के संपादकीय में प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्टाचार और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को हादसों का कारण बताया।

आलोक उमाकृष्ण

Saamana Editorial Slams BJP On Delhi Bihar Fire Tragedy: शिवसेना (यूबीटी) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि दिल्ली के एक होटल और बिहार के एक अस्पताल में हाल ही में लगी आग की घटनाओं, जिनमें कई लोगों की जान चली गई, इसने प्रशासन में गहरी जड़ें जमा चुकी प्रशासनिक खामियों को फिर से उजागर कर दिया है। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा गया है कि इस भयंकर आग में आम नागरिकों की जिंदगी कपूर की तरह जलकर राख हुई है। इसमें कहा गया है कि जो लोग देश बदल रहा है का दावा करते हैं, उनके शासन में असल में कुछ भी नहीं बदला है।

ठाकरे गुट का यह हैं आरोप

ठाकरे गुट ने कहा कि जो लोग देश में यह दहाड़ते हैं कि मैं किसी को रिश्वत नहीं लेने दूंगा, उन्हीं के घर के नीचे अंधेरा है। इसीलिए कहीं अवैध इमारतें गिर रही हैं तो कहीं होटलों और रेस्तरां में आग लग रही है और कहीं अस्पताल जल रहे हैं। शॉर्ट सर्किट का बहाना बनाकर मालिक, संचालक और सरकारी अधिकारी इन हादसों के लिए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। संपादकीय में कहा गया है कि अब सरकार दिखावटी कार्रवाई करेगी और किसी एक को बलि का बकरा बना देगी।

संपादकीय में यह भी कहा गया है कि देश पहले से ही महंगाई की आग से जूझ रहा है और ऊपर से आग लगने की घटनाओं में लोगों की जान जा रही है। दिल्ली और बिहार में आग लगने की घटनाओं में हुई मौतों की संख्या चौंकाने वाली है। हालांकि यह सच है कि आपदाएं या दुर्घटनाएं अचानक होती हैं, लेकिन दिल्ली और बिहार की त्रासदियों के कारणों और प्रकृति को देखते हुए, शासक और प्रशासनिक तंत्र अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। इन दोनों हादसों के बाद सामने आई बातें दिल्ली और बिहार में भाजपा के गैर-जिम्मेदार और लापरवाह शासन को सीधे तौर पर कठघरे में खड़ा करती हैं।

संपादकीय के अनुसार, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने उम्मीद के मुताबिक, गहन जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। दिल्ली के गृह मंत्री ने एक कदम आगे बढ़ते हुए दिल्ली में 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' योजना के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले सभी प्रतिष्ठानों को तुरंत सील करने का आदेश दिया।

उद्धव ठाकरे गुट क्या कहा

संपादकीय में दावा किया गया कि लेकिन अब इससे क्या हासिल होगा। क्या इससे गई हुई बेगुनाह जानें वापस आ जाएंगी। यह एक पैटर्न बन गया है। पहले 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' योजना में भ्रष्टाचार का मजा लो और जब कोई हादसा हो तो मनमानी कार्रवाई करो, जांच का नाटक करो और जब जनता का गुस्सा शांत हो जाए तो आम नागरिकों को फिर से किस्मत के भरोसे मरने के लिए छोड़ दो।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट ने रखरखाव और निरीक्षण में लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा अक्सर जिम्मेदारी से बचने के लिए दिया जाता है। इसमें कहा गया है कि शासक मृतक के परिजनों को मुआवजे के तौर पर कुछ पैसे देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश करेंगे और खुद को जिम्मेदारी से दूर रखेंगे।

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