Maharashtra Politics Shiv Sena Gen Z Outreach Eknath Shinde Strategy: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी आंदोलन के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) ने युवाओं को संगठन से जोड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पार्टी अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी नेताओं को युवाओं पर फोकस करने का निर्देश दिया है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी पार्टी संगठन की कमान ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सौंपने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क बढ़ा रहे हैं।
आरएसएस सरसंघ संचालक मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में युवाओं से संवाद स्थापित करने वाले हैं। साल 2029 तक देश में लगभग 38 करोड़ जेन जी वोटर होने के अनुमान को ध्यान में रखते हुए शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी युवाओं को अपने पक्ष में करने की कोशिशें तेज कर दी हैं, सूत्रों के अनुसार पार्टी एक इंडिपेंडेंट यूथ स्ट्रैटेजी बना रही है।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं को युवाओं के मुद्दों पर काम करने का निर्देश दिया है।
नीट पेपर लीक मामले के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
इसके बाद केंद्र ने एग्जामिनेशन रिफॉर्म्स बिल पास किया और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त नियम बनाए।
दिल्ली में आंदोलन चल रहा था, तब शिवसेना के मंत्री संजय शिरसाट और विधायक बच्चू कडू ने छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता से मुलाकात की थी।
शिवसेना शिंदे गुट पार्टी की जल्द ही एक बैठक होगी और जेन जी वोटरों के बीच असरदार लीडरशिप बनाने के लिए युवा चेहरों को चुना जाएगा।
युवा नेताओं के साथ विभिन्न सोशल संगठनों में काम करने वाले युवाओं को पार्टी में मौका देने पर विचार चल रहा है। शहरी और ग्रामीण इलाकों के युवाओं को जोड़ने के लिए खास सभाएं करने की योजना है।