अमित शाह के भरोसे के बाद ही शिंदे गुट में आए, 6 बागी सांसदों के विलय पर संजय देशमुख का बड़ा खुलासा

Shiv Sena Merger: शिवसेना उबाठा के 6 सांसदों के शिंदे गुट में विलय के बाद संजय देशमुख ने कहा कि अमित शाह के विकास कार्यों के भरोसे व क्षेत्रीय परियोजनाओं को गति देने के आश्वासन के बाद फैसला लिया।
Sanjay Deshmukh makes a major revelation regarding the merger of six rebel MPs, stating they joined the Shinde faction only after receiving assurances from Amit Shah.
संजय देशमुख,(सोर्स सोशल मीडिया)
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Nagpur Shiv Sena Shinde MPs Merger: नागपुर शिवसेना उबाठा के 6 बागी सांसदों के समूह के शिंदे गुट की शिवसेना में विलय को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे गुट के ये 6 सांसद अब आधिकारिक रूप से शिंदे शिवसेना के सांसद बन गए हैं। इन 6 सांसदों में यवतमाल-वाशिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद संजय देशमुख ने नागपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान खुलासा किया कि गृह मंत्री अमित शाह ने भरोसा दिलाया तब सभी शिंदे गुट में शामिल हुए।

विकास के लिए शिंदे गुट में शामिल हुए: सांसद

वे नागपुर में शिंदे शिवसेना गुट के एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें विकास की उम्मीद से चुना था, लेकिन वे उन अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहे थे। हम सभी 6 सांसद चाहते थे कि हमारे क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से हों, इसलिए हमने शिंदे शिवसेना में शामिल होने का निर्णय लिया।

अमित शाह के साथ बैठक हुई जिसमें उन्होंने भरोसा दिलाया कि हमारे लोस क्षेत्रों में विकास का कोई कार्य नहीं रुकेगा। उनके लोकसभा क्षेत्र में विकास कार्य रुके हुए थे। रेलवे परियोजनाओं सहित कई बड़े प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। इसी कारण 6 सांसदों ने एक साथ बैठकर निर्णय लिया और बाद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आग्रह किया। 2 दिन पहले शाह के साथ बैठक हुई।

हमारे पक्ष में आने वाला था फैसला

लोस अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा 6 सांसदों के शिंदे शिवसेना में विलय को मंजूरी दिए जाने पर देशमुख ने कहा कि फैसला हमारे पक्ष में ही आने वाला था। हमने कानून के दायरे में रहकर शिंदे शिवसेना में प्रवेश किया है। हम 6 सांसदों ने एक साथ बैठकर कानूनी पहलुओं का अध्ययन किया था।

विदर्भ में होगा फिर बड़ा पाला बदल

विदर्भ के कुछ विधायकों के संपर्क में होने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई विधायक संपर्क में नहीं है। हालांकि, डीसीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर विश्वास जत्ताते हुए यवतमाल जिले के 3 नगराध्यक्ष तथा उनके सहयोगियों ने शिंदे शिवसेना के स्वथ काम करने

की इच्छा व्यक्त की है।

उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में राज्य में विपक्ष बचेगा या नहीं, इस पर भी संदेह है। अगले 7-8 दिनों में बड़ी संख्या में लोग शिंदे शिवसेना में शामिल होंगे, उन्होंने बताया कि एकनाथ शिंदे को अपने लोकसभा क्षेत्र के दौरे के लिए आमंत्रित किया गया है, उनके दौरे की तारीख तय होने के बाद बड़े पैमाने पर पार्टी प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

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