Sharad Pawar NCP Split Claim Ajit Pawar Camp: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 6 सांसदों के पाला बदलने और 'ऑपरेशन टाइगर' की ऐतिहासिक सफलता के बाद, अब राज्य के दूसरे बड़े क्षेत्रीय दल यानी शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में भी एक बड़े भूचाल की आहट सुनाई देने लगी है। महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर मची इस भगदड़ के बीच, अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री धर्माराव बाबा अतराम ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। अतराम के मुताबिक, शरद पवार गुट के 5 लोकसभा सांसद बहुत जल्द पाला बदलकर सुनेत्रा पवार के खेमे में शामिल होने जा रहे हैं।
आज (19 जून 2026) जब दोनों शिवसेना गुट मुंबई में अपना-अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं और उद्धव के बागी सांसदों का शिंदे सेना में औपचारिक विलय हो रहा है, तब इस नए खुलासे ने शरद पवार कैंप की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
मीडिया से खुलकर बात करते हुए अजित पवार गुट के नेता धर्माराव बाबा अतराम ने न केवल टूट का दावा किया, बल्कि इसके लिए बाकायदा एक समय सीमा (डेडलाइन) की भी घोषणा कर दी। अतराम ने कहा, "शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर भारी असंतोष है। उनके विधायी दल के कम से कम 5 लोकसभा सांसद और कई प्रमुख विधायक हमारे शीर्ष नेतृत्व के सीधे संपर्क में हैं। यह सभी नेता आगामी 12 दिसंबर तक आधिकारिक रूप से हमारे साथ आ जाएंगे।" अतराम के इस बयान से साफ है कि महायुति अब आगामी विधानसभा चुनावों से पहले शरद पवार के गढ़ को भेदने की पूरी तैयारी कर चुकी है।
जब अतराम से पूछा गया कि क्या यह भी शिवसेना की तरह किसी गुप्त ऑपरेशन का हिस्सा है, तो उन्होंने साफ इंकार किया। उन्होंने कहा, "हम कोई 'ऑपरेशन' वगैरह नहीं चला रहे हैं। शरद पवार गुट के सांसद और विधायक खुद वहां घुटन महसूस कर रहे हैं और वे अपनी मर्जी से विकास के एजेंडे के साथ जुड़ना चाहते हैं। चुनाव जीतने के लिए और निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए सबको मिलकर काम करना होगा। वे खुद ही हमारे पक्ष में प्रचार करेंगे और जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और महत्वपूर्ण राजनीतिक कड़ी सामने आई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार की पत्नी और NCP की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एक विशेष मुलाकात की है। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सुनेत्रा पवार और अमित शाह के बीच हुई इस बैठक में शरद पवार गुट के सांसदों और विधायकों की घर वापसी और उनके कानूनी विलय को लेकर ही रणनीति तैयार की गई है। अब देखना यह होगा कि क्या शरद पवार अपने कुनबे को इस संभावित बगावत से बचा पाते हैं या उनकी पार्टी का हश्र भी उद्धव ठाकरे की शिवसेना जैसा होने वाला है।