Shaina NC Slams Comedian Pranit More: कमेडियन प्रणित मोरे के एक शो के दौरान '370 रुपए की बिरयानी' वाली की गई विवादास्पद टिप्पणी आजकल सुर्खियों में बनी हुई है। यह मामला हर जगह बहस का विषय बना हुआ है, खासकर सोशल मीडिया पर। ऐसे में शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने भी इसपर कड़ी आपत्ती जताई है। उन्होंने कहा, "हम सभी स्टैंड-अप कॉमेडी सुनते हैं। कमेडियन का काम लोगों को हंसाना होता है, लेकिन उसे अपनी मर्यादा और दायरे में रहना चाहिए। प्रणित मोरे ने जो किया, वह बिल्कुल निंदनीय है। महिला कोई वस्तु नहीं है कि 370 रुपए खर्च करके उसे हासिल कर लिया जाए। ऐसी सोच बेहद घिनौनी है।"
उन्होंने कहा कि हमें समझना चाहिए कि यदि कोई महिला सशक्त और प्रोफेशनल है तो उसे वस्तु की दृष्टि से देखा जाना गलत है। किसी महिला को खरीदा नहीं जा सकता है। इसी आधार पर महाराष्ट्र सरकार ने कार्रवाई की है, क्योंकि कानून का भय होना बहुत जरूरी है।
शाइना एनसी ने कहा कि डॉ. सेजल एक डॉक्टर हैं। डॉक्टरों के प्रति आदर और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाता है, लेकिन एक डॉक्टर द्वारा किसी शव के निजी अंग को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना बेहद गलत है। उन्होंने कहा, "मैं खुश हूं कि उन्होंने माफी मांग ली है, लेकिन पूरे मेडिकल समुदाय ने जो आवाज उठाई, वह पूरी तरह जायज है, क्योंकि यह कोई मजाक का विषय नहीं है। किसी के शरीर या मृत्यु के बाद उसका मजाक उड़ाना अत्यंत दुखद है।"
महाराष्ट्र में गुटखा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर शाइना ने एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के उद्देश्य का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि गुटखा और उससे होने वाले कैंसर के दुष्परिणामों से हर कोई परिचित है। ऐसे में अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मकोका लगाने का अंतिम फैसला सरकार करेगी, लेकिन समाज में जागरूकता लाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'अघोरी' कहे जाने पर शाइना एनसी ने कहा, "संजय राउत अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। वह महाराष्ट्र के चार्ली चैपलिन बनने की कोशिश करते हैं और लोगों को हंसाना चाहते हैं, लेकिन उनके बयानों से लोग केवल यही समझते हैं कि उनकी जगह मानसिक चिकित्सालय में है। जिस प्रकार वे प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हैं, उससे उनकी हताशा साफ दिखाई देती है।" शाइना ने दावा किया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो चुकी है और उसके सहयोगी दलों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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टीसीएस से जुड़े विवादों पर टिप्पणी करते हुए शाइना एनसी ने कहा कि कंपनी को अपने संस्थागत ढांचे और कार्यस्थल के माहौल की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन में सांप्रदायिक सौहार्द और पेशेवर माहौल बनाए रखना बेहद जरूरी है तथा किसी भी प्रकार की कट्टरता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।