

Nagpur Political Controversy: नागपुर जिले भाजपा नेता किरीट सोमैया के गुरुवार की रात करीब 10 बजे अचानक मनपा धमकने और आयुक्त व महापौर की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित किये जाने की जानकारी उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों के सत्यापन के संबंध में चर्चा की गई तथा एक विशेष समुदाय के नागरिकों को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया रोकने संबंधी निर्देश भी दिए गए।
इस पर आक्षेप लेते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल गुडधे ने सवाल दागा है कि किस संवैधानिक अधिकार के तहत किरीट सोमैया ने बैठक ली और मनपा को निर्देश दिये। इसका खुलासा मनपा आयुक्त व महापौर करें। इस दौरान प्रवक्ता अतुल लोंढे व अन्य कांग्रेस पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
गुडधे ने कहा कि प्रशासन स्पष्ट करे कि किरीट सोमैया ने बिना किसी संवैधानिक अथवा प्रशासनिक पद पर रहते हुए किस अधिकार के आधार पर महानगर पालिका कार्यालय में बैठक आयोजित की और इस प्रकार के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नागपुर मनपा प्रशासन को संविधान, कानून और प्रशासनिक नियमों के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप के आधार पर प्रशासनिक निर्णय लेना उचित नहीं है।
यदि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं के कारण समाज में भ्रम, तनाव अथवा विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन पर होगी।
कांग्रेस की ओर से मांग की गई कि प्रशासन इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करे तथा जनता को यह विश्वास दिलाए कि सभी निर्णय केवल कानूनी प्रक्रिया और निर्धारित नियमों के अनुसार ही लिए जाएंगे। बता दें कि गुरुवार को ही सोमैया अमरावती मनपा में भी गए थे जहां उनके खिलाफ जमकर वापस जाओ के नारे लगे थे।