Sanjay Raut On Nitish Kumar Resignation: बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा अध्याय समाप्त होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार (14 अप्रैल) को अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उनके इस्तीफे और आगामी 15 अप्रैल को होने वाले नई सरकार के गठन के बीच महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा गई है। शिवसेना (UBT) नेता और सांसद संजय राउत ने बिहार के नेतृत्व परिवर्तन में हो रही देरी और भाजपा की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं।
बिहार में नए नेतृत्व पर सस्पेंस
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने कहा, "नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ रहे हैं और अब वे राज्यसभा के जरिए राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होंगे। हम अनुभवी नेता के तौर पर दिल्ली में उनका स्वागत करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इतने दिन बीत जाने के बाद भी भाजपा और उनके सहयोगी दलों ने नाम फाइनल नहीं किया है। क्या बिहार में भी किसी 'मैकेनिज्म' का इंतजार हो रहा है?"
संजय राउत ने I-PAC पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में चुनाव का माहौल है और ऐसे समय में केवल विपक्षियों को निशाना बनाना भाजपा का पुराना तरीका है। ममता दीदी खुद इस मामले में डटी हुई हैं। ED चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, बंगाल में जीत ममता बनर्जी की ही होगी।"
राउत ने बिहार के साथ-साथ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बच्चों के खेल के मैदानों पर 'फाइव स्टार होटल' बनाने की योजनाओं का विरोध करते हुए पूछा, "क्या अब आजाद मैदान और शिवाजी पार्क जैसे ऐतिहासिक मैदान भी सुरक्षित नहीं रहेंगे? पीएम मोदी का 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' का नारा यहाँ विफल साबित हो रहा है।"
संजय राउत ने खदान मालिकों द्वारा पर्यावरण को पहुंचाए जा रहे नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि रॉयल स्टील कंपनी जैसी फर्में भाजपा को बड़ा चंदा दे रही हैं, इसलिए उन्हें खुली छूट दी जा रही है। राउत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नक्सलवाद के खात्मे के नाम पर खदान मालिकों को दी जा रही रियायतों पर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, उन्होंने 90 लाख मतदाताओं के मताधिकार के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की चुप्पी पर भी निराशा व्यक्त की।