Sanjay Raut Attacks BJP Alleging Theft Of Ram Mandir Donations: शिवसेना ठाकरे गुट के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने जो दावा किया है, उसने देश की राजनीति में एक बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है।
राम मंदिर के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए राउत ने इस बार मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए सीधे चोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने न केवल भाजपा को चोर कहा, बल्कि उनकी तुलना ऐतिहासिक लुटेरे महमूद गजनवी से कर डाली है।
एक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में केवल चंदा और चढ़ावा ही चोरी नहीं हुआ है, बल्कि प्रभु श्री राम और माता सीता के आभूषणों पर भी हाथ साफ किया गया है। राउत ने मीडिया के सामने दावा किया, राम मंदिर में चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी तो हो ही रही है, लेकिन अब तो हद हो गई। राम और सीता माई के अलंकार तक चोरी हो गए हैं।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि भक्तों द्वारा बड़ी श्रद्धा से दान दिया गया सीता माई का मंगलसूत्र भी गायब है। इतना ही नहीं, राउत ने यहां तक कह दिया कि सोने की रामचरितमानस और भगवान के हाथों के कंगन व कानों के कुंडल जैसे तमाम बहुमूल्य आभूषण लूट लिए गए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों को इस चोरी का जिम्मेदार ठहराया है।
संजय राउत यहीं नहीं रुके। उन्होंने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि ये लोग भारतीय जनता पार्टी के चोर हैं और इनकी तुलना महमूद गजनवी से की जानी चाहिए, जिसने कभी मंदिरों को लूटा था। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी के संरक्षण में मंदिर की संपत्ति की लूट हो रही है।
मंदिर के मुद्दे के साथ-साथ राउत ने केंद्र सरकार की राजनीतिक ताकत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास आज भी वह बहुमत नहीं है जिससे वे डीलिमिटेशन बिल ला सकें। राउत ने भाजपा पर तंज कसतक हुए कहा, आप चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, लोगों को कितना भी तोड़ दें, लेकिन आप बहुमत का वह आंकड़ा कभी प्राप्त नहीं कर पाएंगे जो इस बिल के लिए जरूरी है।
इस लूट के खिलाफ शिवसेना ठाकरे गुट ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। संजय राउत ने घोषणा की कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत दादर स्थित हनुमान मंदिर के सामने से होगी और फिर यह विरोध प्रदर्शन पूरे महाराष्ट्र और राज्य के बाहर भी ले जाया जाएगा।
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संजय राउत के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। जहां विपक्ष इसे भ्रष्टाचार और आस्था से खिलवाड़ बता रहा है, वहीं भाजपा की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आना तय माना जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मंगलसूत्र और सोने की रामचरितमानस की चोरी के इन दावों पर राजनीति आगे क्या मोड़ लेती है।