Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ समय से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक न होने की खबरें लगातार चर्चा का विषय बनती रही हैं। ऊपरी तौर पर शिवसेना (शिंदे गुट), बीजेपी और एनसीपी (अजीत पवार गुट) एकजुट दिखाई देते हैं, लेकिन अंदर खाने चल रही खींचतान भी बार-बार खुलकर सामने आती रही हैं। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने एक बड़ा दावा कर राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए भविष्यवाणी की है कि अगले महीने (मई 2026) के अंत तक महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ बहुत बड़ा उलटफेर हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में चल रही चर्चाएं कि सत्ताधारी दल विपक्ष के विधायकों को तोड़ेंगे, पूरी तरह निराधार हैं। रोहित पवार के अनुसार, हकीकत इसके उलट है और सत्ता में शामिल बड़ा दल (बीजेपी) अपने ही सहयोगी दलों का 'शिकार' करने की तैयारी में है। उनके इस बयान ने शिंदे और अजीत पवार गुट की मुश्किलों को बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
नाशिक के चर्चित भोंदू बाबा अशोक खरात मामले का जिक्र करते हुए रोहित पवार ने कहा कि यह प्रकरण अचानक सामने नहीं आया है, बल्कि इसे एक सोची-समझी रणनीति के तहत बाहर लाया गया है। उन्होंने इसे आने वाले बड़े राजनीतिक तूफान की महज एक शुरुआत बताया है। रोहित ने अपनी पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा कि आज भले ही बीजेपी अपने सहयोगियों के प्रति 'ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे' का भाव दिखा रही हो, लेकिन जल्द ही उनके सहयोगियों की स्थिति 'जा बेवफा जा' जैसी हो जाएगी।
रोहित पवार ने कड़े शब्दों में कहा कि उनके पास इस संबंध में पुख्ता जानकारी है कि सहयोगियों को किनारे करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने महायुति के अन्य दलों को आगाह करते हुए कहा कि वे सावधानी बरतें, वरना बीजेपी द्वारा उनकी राजनीतिक घेराबंदी तय है। इस बयान के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले डेढ़ महीने में महाराष्ट्र की सत्ता संरचना में क्या नया मोड़ आने वाला है?
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शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी रोहित पवार के दावे का समर्थन करते हुए कहा कि अशोक खरात प्रकरण के जरिए कई बड़ी बातें उजागर होने वाली हैं। उन्होंने दावा किया कि खरात की फाइलों में जो अत्यंत गोपनीय जानकारी दबी है, वह सामने आने के बाद ऐसा तूफान आएगा जो फडणवीस मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों को ले डूबेगा।
राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि "शिकार करना फडणवीस का शौक है।" उन्होंने यह भी कहा कि खरात का सीडीआर सामने लाना मुख्यमंत्री कार्यालय की मदद के बिना संभव नहीं था, क्योंकि किसी आम व्यक्ति या सांसद को भी सीडीआर इतनी आसानी से नहीं मिलता। राउत के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी भूकंप की आशंका और तेज हो गई है।