यह रैंकिंग राज्यों के आर्थिक उत्पादन के आधार पर तय की जाती है। इसका अनुमान मौजूदा कीमतों के आधार पर लगाया जाता है। ये आंकड़े यह समझने में मदद करते हैं कि भविष्य में आर्थिक गतिविधियां कहां सबसे ज्यादा और कहां सबसे कम हो सकती है।
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