Rani Mukerji Marathi Speech Maharashtra State Film Awards: मुंबई के प्रतिष्ठित रवींद्र नाट्य मंदिर में आयोजित 62वें महाराष्ट्र राज्य मराठी फिल्म पुरस्कार समारोह में उस वक्त एक बेहद खूबसूरत और यादगार पल देखने को मिला, जब बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रानी मुखर्जी को मंच पर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रानी मुखर्जी को भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिवंगत राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार से अलंकृत किया।
लेकिन असली सरप्राइज तो तब आया जब रानी मुखर्जी सम्मान स्वीकार करने के बाद माइक पर पहुंचीं और उन्होंने हिंदी या अंग्रेजी के बजाय सीधे मराठी भाषा में बोलना शुरू कर दिया। रानी के मुंह से धाराप्रवाह मराठी सुनते ही मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी चौंक गए और उनके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ गई।
इस पुरस्कार समारोह में रानी मुखर्जी का लुक भी चर्चा का विषय बना रहा। उन्होंने इस खास मौके के लिए पारंपरिक महाराष्ट्रीयन परिधान धारण किया था। हरे रंग की सुंदर साड़ी, लाल रंग का आकर्षक बॉर्डर, हाथों में हरी चूड़ियां, गले में मंगलसूत्र और बालों में सजा गजरा रानी के इस पारंपरिक रूप ने समारोह में मौजूद हर शख्स की नजरें अपनी ओर खींच लीं।
माइक संभालते ही रानी मुखर्जी ने अपने भाषण की शुरुआत मराठी अंदाज में की। उन्होंने कहा, मेरे लिए महाराष्ट्र केवल एक राज्य नहीं है... महाराष्ट्र मेरी जन्मभूमि है, मेरी कर्मभूमि है... और मेरे जीवन का एक अविभाज्य अंग है...। रानी का यह संवाद सुनते ही पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
आगे अपनी बात रखते हुए रानी मुखर्जी ने कहा कि उनका जन्म माया नगरी मुंबई में हुआ है। उन्होंने अपनी सफलता और असफलता के सभी पड़ाव यहीं देखे हैं और जिंदगी का हर लम्हा यहीं जिया है। राज कपूर के नाम से मिलने वाले इस पुरस्कार को उन्होंने अपने लिए बेहद गर्व की बात बताया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कम उम्र में ही सिनेमा जगत में कदम रखा था और फिल्मों में हमेशा भारतीय महिलाओं की शक्ति और सामर्थ्य को दर्शाने का प्रयास किया। रानी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिनेमा को कभी केवल एक पेशा नहीं माना, बल्कि यह उनके लिए एक गहरी इमोशन है।
मुंबई शहर के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए रानी मुखर्जी ने कहा कि मुंबई ने उन्हें उनकी पहचान, घर और सुरक्षा दी है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने उन्हें यह सिखाया कि वे वास्तव में कौन हैं। उन्होंने अपना यह पुरस्कार महाराष्ट्र की जनता और फिल्म उद्योग से जुड़े सभी लोगों को समर्पित करते हुए भाषण का समापन जय हिंद, जय महाराष्ट्र के नारे के साथ किया।
पुरस्कार समारोह से रानी मुखर्जी का मराठी में भाषण देने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नेटिजन्स रानी मुखर्जी की सादगी, उनकी मराठी भाषा की पकड़ और महाराष्ट्र की संस्कृति के प्रति उनके आदर भाव की जमकर तारीफ कर रहे हैं। प्रशंसक उनके इस अंदाज पर लगातार प्यार और प्रतिक्रियाएं लुटा रहे हैं।