राजहंस सिंह (डिजाइन फोटो) 
मुंबई

Exclusive: 16 को आएगी महायुति की बड़ी सुनामी, राजहंस सिंह ने खोला राज, 'नवभारत संवाद' में भरी हुंकार

Rajhans Singh BJP Interview: बीएमसी चुनाव में आएगी महायुति की सुनामी, राजहंस सिंह का दावा। 25 साल के भ्रष्टाचार और ठाकरे भाइयों की 'मरणासन्न' स्थिति पर बड़ा बयान।

प्रिया जैस

Navbharat Exclusive Interview: मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित राज्य की 29 महापालिकाओं के चुनाव का चुनाव प्रचार तेजी से आखिरी चरण की ओर बढ़ रहा है। इसी के साथ राजनीतिक दलों एवं उम्मीदवारों का चुनाव का चुनाव प्रचार तेज चुनावी हो गया है। इसी गहमागहमी के बीच बीजेपी विधायक (विधान परिषद सदस्य) राजहंस सिंह 'नवभारत' कार्यालय पहुंचे। लगभग 8 वर्षों तक बीएमसी में विपक्ष के नेता रह चुके सिंह के साथ ना मुंबई की समस्याओं, बीएमसी की कार्य प्रणाली एवं मौजूदा सियासी माहौल पर नव विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने हमारे सवालों का बेबाकी से जवाब भी दिया। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश...

कैसा माहौल देख रहे हैं?

पूरे मुंबई महानगर में महायुति की सुनामी आएगी। कोई रोक नहीं पाएगा। 150 से अधिक सीटों पर हमारी जीत और मुंबई मनपा में युति का महापौर बनना तय है।

आप बीएमसी के इतिहास में सबसे लंबे समय तक विपक्ष के नेता रहे हैं। आप किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं?

बीते 25 वर्षों में बीएमसी में तत्कालीन सत्तारूढ़ दलों के प्रमुख की सहमति और भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ के कारण प्रचंड भ्रष्टाचार हुआ है। मैंने विपक्ष का नेता रहने के दौरान पूरी ईमानदारी से भ्रष्टाचार को रोकने का प्रयास किया था। लेकिन बहुमत होने के कारण तत्कालीन सत्तारूढ़ दल के लोग मुंबई का विनाश करने का काम करते रहे।

उस दौरान सड़कें बदहाल होती थीं, क्योंकि इनके नेता बंगले से ठेकेदारों का चयन करते थे। उस दौरान सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए इनके नेता और अधिकारी कई बार विदेश दौरे पर गए। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। बीते 25 वर्षों में बीएमसी में 25 लाख करोड़ रुपए से भी अधिक का भ्रष्टाचार इन्होंने किया है। अब उस भ्रष्टाचार को रोकने और मुंबई को फिर से विकास के मार्ग पर ले जाने का काम महायुति करेगी।

उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे आरोप लगा रहे हैं कि बीजेपी उनके द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों का श्रेय ले रही है...

मुंबई के विकास की शुरुआत बीजेपी ने ही की है। आप जानते होंगे महायुति सरकार के पहले कार्यकाल में हमारे नेता नितिन गडकरी ने मुंबई में 56 फ्लाईओवर ब्रिजों के निर्माण का काम शुरू किया था। बाद के कार्यकाल में कोस्टल रोड हो, अटल सेतु, मेट्रो हो ये सब फडणवीस के नेतृत्व में पूरा हुए हैं।

जबकि ढाई साल सीएम रहने के दौरान उद्धव ठाकरे ने तमाम विकास कार्यों को रोकने का काम किया। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार के अस्तित्व में आने के बाद फिर से विकास कार्यों को गति मिली। मौजूदा समय में पूरे मुंबई शहर में 6 हजार करोड़ के कॉन्क्रीटीकरण का काम चल रहा है। देवेंद्र फडणवीस सरकार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लाई है।

20 साल बाद ठाकरे बंधु साथ आए, कितनी बड़ी चुनौती मानते हैं?

कोई चुनौती नहीं है। ये दोनों मरणासन्न अवस्था में हैं। इसलिए अपना अस्तित्व बचाने के लिए साथ आए हैं। लेकिन जनता विकास के साथ जाना चाहती है। मुंबई की जनता जानती है कि इन्हें मुंबई और मराठी की कोई चिंता नहीं है। इसलिए दोनों भाइयों के लिए साख बचाना भी मुश्किल हो जाएगा।

सीटों की बात करें, तो जहां ठाकरे बंधुओं का दबदबा है, वहां बीजेपी सीधे फाइट से बचती नजर आई है?

नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है। महायुति में डीसीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना हमारे साथ है। 2017 में चुनाव जीतनेवाले ज्यादातर नगरसेवक आज डीसीएम शिंदे के साथ हैं। हमने कोशिश की थी लेकिन सिटींग कॉर्पोरेटर के फार्मूले के अनुसार हमें 90 सीटें छोड़नी पड़ी।

अजीत को अकेला छोड़ दिया !

अजीत पवार को हमने अकेला नहीं छोड़ा। उन्होंने एक विवादित नेता को मुंबई के चुनाव का नेतृत्व सौंपा। एक ऐसे नेता जिसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह, दाऊद के साथ संबंध जैसे आरोप हैं, उनके साथ बीजेपी सीट शेयरिंग की बात कैसे कर सकती है?

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