राज ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

देश में होने वाली है बड़ी उथल-पुथल... संजय राउत के दावे पर मुहर लगाते हुए राज ठाकरे बोले- बैलेट से हो चुनाव

Raj Thackeray Statement: राज ठाकरे ने राउत के राजनीतिक दावे का समर्थन करते हुए देश में जल्द बड़े बदलाव की आशंका जताई है। साथ ही, उन्होंने EVM हटाकर फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की है।

गोरक्ष पोफली

Highlights

  • राज ठाकरे ने संजय राउत के दावे का समर्थन करते हुए देश में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल की आशंका जताई।

  • पारदर्शिता और मनोवैज्ञानिक संतुष्टि का हवाला देते हुए EVM हटाकर फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की।

  • केंद्र सरकार की नीतियों और लगातार हो रही गलतियों पर निशाना साधते हुए देश में नागरिक अशांति की चेतावनी दी।

Raj Thackeray Supports Sanjay Raut: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। इस दौरान उन्होंने शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत के हालिया राजनीतिक पूर्वानुमान का जोरदार समर्थन किया कि अगले दो से पांच महीनों में एक बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल होने वाली है।

उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को समाप्त करके पारंपरिक मतपत्र प्रणाली लागू करने की अपनी मांग दोहराई। पत्रकारों से बात करते हुए ठाकरे ने कहा कि वह 2018 से ही मतपत्र मतदान की वकालत कर रहे हैं।

पारदर्शिता और मनोवैज्ञानिक संतुष्टि

राज ठाकरे ने कहा कि मतदाताओं को पूर्ण पारदर्शिता और मतपेटी में अपना वोट डालते हुए देखने की मनोवैज्ञानिक संतुष्टि मिलनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि कई विकसित देशों के साथ-साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देश भी मतपत्र प्रणाली का उपयोग करते हैं।

चुनाव आयुक्तों से मुलाकात का जिक्र

राज ठाकरे ने कहा कि राजनीतिक आलोचना और प्रतिवाद होना स्वाभाविक है। 2018 से मैं लगातार मतपत्रों के माध्यम से मतदान कराने का प्रयास कर रहा हूं, और इस विषय पर चर्चा करने के लिए मैंने चुनाव आयुक्तों से मुलाकात भी की। पहले लोग नहीं समझते थे, लेकिन अब समझते हैं। आपको अपने डाले गए वोट से संतुष्टि मिलनी चाहिए। आपको यह आश्वासन चाहिए कि आपका वोट वास्तव में मतपेटी में गया है; जीतना और हारना अलग-अलग बातें हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल में भी मतपत्रों के माध्यम से मतदान होता है।

एमएनएस प्रमुख ने कहा कि विकसित देशों में भी मतपत्रों के माध्यम से मतदान होता है, और उन्होंने मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने की मांग की।

फ्रांस का हवाला और मतगणना में देरी

उन्होंने आगे कहा कि फ्रांस में मतदान मशीनों को हटाकर मतपत्रों का इस्तेमाल शुरू किया गया। उन तस्वीरों को देखकर पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं। विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ नहीं होते। मतगणना तेजी से होती है, फिर भी परिणाम काफी देर से आते हैं। अगर चार दिन भी लग जाएं, तो क्या फर्क पड़ता है? किसे जल्दी है? मतदान मतपत्रों के माध्यम से ही होना चाहिए।

संजय राउत के आकलन का समर्थन करते हुए ठाकरे ने चेतावनी दी कि आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आएंगे, और कहा कि केंद्र सरकार की लगातार गलतियों के चलते देश में नागरिक अशांति होना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो से पांच महीनों में देश में कुछ बड़ा और उथल-पुथल भरा घटनाक्रम होगा, यहां तक ​​कि शायद देश के लिए कोई प्रधानमंत्री भी न बचे।

सरकार की गलतियों पर निशाना

ठाकरे ने राजनीतिक रूप से भविष्यवाणी की कि एपस्टीन के साथ उनकी तस्वीरें सामने आ चुकी हैं, और भी बहुत कुछ सामने आने वाला है यह सिलसिला रुकेगा नहीं। केंद्र सरकार गलतियां करती रहेगी, और यह चक्र नहीं रुकेगा। अगर आने वाले वर्षों में देश सड़कों पर उतर आए तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा।

बढ़ते अपराध और सुरक्षा संबंधी चूक पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, एमएनएस प्रमुख ने गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को निशाना बनाया।

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