उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

MNS Deepotsav: दीपोत्सव बना ठाकरे भाइयों का संगम, उद्धव के हाथों हुआ मनसे कार्यक्रम का शुभारंभ

Mumbai News: 19 सालों के बाद ठाकरे बंधु एक साथ आए हैं। मनसे के दीपोत्सव में उद्धव ठाकरे की मौजूदगी से दोनों के सियासी गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: स्थानीय निकाय चुनावों की पृष्ठभूमि में मनाई जा रही वर्ष 2025 की दिवाली महाराष्ट्र के सियासी दलों एवं राजनीतिज्ञों के लिए खास मानी जा रही है। शुक्रवार को इसमें एक और सियासी घटनाक्रम जुड़ गया।

वो घटना थी राज ठाकरे की पार्टी 'महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना' (मनसे) का हर साल दिवाली पर मनाया जाने वाला परंपरागत 'दीपोत्सव' पर्व। पूर्व मुख्यमंत्री व शिवसेना (यूबीटी) पार्टी के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के हाथों दीपोत्सव का उ‌द्घाटन इसके खास होने की बड़ी वजह बनी। इससे ठाकरे बंधुओं के समर्थकों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

इससे दोनों भाइयों के साथ आने की अटकलों को और बल मिला है, तो वहीं दोनों की सियासी युति को लेकर जारी असमंजस लगभग खत्म हो गया है। उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार की शाम मनसे के दीपोत्सव में न सिर्फ भाग लिया, बल्कि उन्होंने दीपोत्सव का उ‌द्घाटन भी किया। इस मौके पर राज की पत्नी शर्मिला ठाकरे ने उद्धव की पत्नी रश्मि ठाकरे का, तो वहीं पुत्र अमित ठाकरे ने आदित्य और तेजस का पूरी गर्मजोशी से स्वागत किया। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का पूरे परिवार के साथ मिलना। यह दृश्य काफी आकर्षक था। इससे समर्थकों में प्रसन्नता दिखी।

सियासी युति की घोषणा का अब इंतजार

मनसे के दीपोत्सव में उद्धव की उपस्थिति से दोनों भाइयों के सियासी गठबंधन की अटकलों को और बल मिला है। अपने संक्षिप्त भाषण में उद्धव ने मराठी एकता और खुशियां फैलाने पर जोर दिया, राज और उद्धव के बीच पिछले लगभग 6 महीनों से मनोमिलन का सिलसिला चल रहा है।

पिछले दो से तीन महीनों में दोनों भाई कई बार एक दूसरे से मिल चुके हैं लेकिन सभी को इंतजार था मनसे और यूबीटी के युति की घोषणा की। पहले यूबीटी के विधायक सचिन अहिर ने दावा किया था कि शिवसेना के परंपरागत दशहरा सम्मेलन में राज ठाकरे भी उपस्थित रह सकते हैं तथा इस मौके पर युति की घोषणा की जा सकती है।

दशहरा सम्मेलन में ठाकरे परिवार के समर्थकों को मायूसी हाथ लगी, लेकिन मनसे ने दीपोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उद्धव का नाम छाप कर सभी को चौंका दिया था। अब मनसे के दीपोत्सव का उद्धव के हाथों उ‌द्घाटन को सियासी जानकार दोनों भाइयों के युक्ति की घोषणा के रूप में ही देख रहे हैं

वैचारिक मतभेद भुलाकर मनसे के साथ दीपोत्सव

उद्धव से वैचारिक मतभेदों की वजह से लगभग 20 साल पहले राज ठाकरे शिवसेना से बाहर निकले थे। उन्होंने अपनी पार्टी मनसे की स्थापना की थी, तभी से राज और उद्धव के बीच सियासी संबंध लगभग खत्म हो गए थे। दूसरी तरफ 'मनसे की स्थापना के बाद से हर साल दीपावली के उपलक्ष्य में शिवाजी पार्क मैदान पर दीपोत्सव पर्व का आयोजन किया जाता रहा है।

लेकिन लगभग 19 साल बाद राज और उद्धव के बीच का गतिरोध खत्म हुआ है और दोनों भाई पहले मराठी के मुद्दे पर एक साथ एक मंच पर नजर आए, तो वहीं 13 साल बाद राज ने फिर से मातोश्री जाना शुरू किया, मनसे का इस साल दीपोत्सव राज-उद्धव के मनोमिलन एक और महत्वपूर्ण कदम बन गया है।

दीपोत्सव के मौके पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ आए, बल्कि वापस जाते समय राज और उद्धव एक ही कार में रवाना हुए, इस दौरान राज ठाकरे ने कार की स्टेयरिंग संभाली और उद्धव-राज दोनों के समर्थकों को जो बात सबसे ज्यादा पसंद आई, वही थी राज का सारथी बनना।

उद्धव ने दी शुभकामनाएं

उपस्थित सभी भाइयों, बहनों और शुभकामनाएं। आज की दिवाली अलग है और खास है और मुझे पूरा विश्वास है कि मराठी लोगों की एकता और उस एकता का प्रकाश से सभी के जीवन में अवश्य ही खुशियां आएंगी, सभी खुश रहे, प्रकाश में रहें और सभी को खुशिया देते रहे। एक बार फिर, आप सभी को शुभकामनाएं। जय हिंद, जय महाराष्ट्र।

- उद्धव ठाकरे, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पक्ष प्रमुख-शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे

कई प्रमुख हस्तियों को मिला मौका

विगत तीन वर्षों में मनसे के दीपोत्सव कार्यक्रम में विभिन्न प्रमुख हस्तियों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जा चुका है। 2022 में एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फड़णवीस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बने थे। 2023 में निर्देशक साजिद नाडियाडवाला, आशुतोष गोवारिकर और राजकुमार हिरानी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे।

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