Mumbai Pune Railway Missing Link Project: लोनावला-कर्जत घाट खंड में भूस्खलन के बाद बंद रही मुंबई-पुणे रेल सेवा आखिरकार करीब 44 घंटे बाद पटरी पर आंशिक रूप से लौटी है। मंगलवार की रात 10.30 बजे एक लाइन को रेल यातायात के लिए खोल दिया गया। इसके बाद पहली यात्री ट्रेन बुधवार तड़के 12.45 बजे इस मार्ग से रवाना हुई। शेष दो लाइनों को चालू करने के लिए मध्य रेल के 1,100 से अधिक कर्मी बारिश के बीच भी युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।
जल्द ही दूसरी लाइन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। 6 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के कारण ठाकुरवाड़ी-मंकी हिल और मंकी हिल-खंडाला के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ था, जिससे घाट खंड की तीनों रेल लाइनें बंद करनी पड़ी थीं। इसके चलते मुंबई-पुणे और दक्षिण भारत जाने वाली सैकड़ों ट्रेनें प्रभावित हुईं।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि मिसिंग लिंक पर भूस्खलन के बाद कुछ लोगों ने सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना की जा सकती है, लेकिन महाराष्ट्र की छवि खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग पैसे लेकर सोशल मीडिया पर परियोजना के खिलाफ गलत जानकारी फैला रहे हैं।
मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना और भारी बारिश की स्थिति पर विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विपक्ष की आलोचनाओं पर जमकर बरसे। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, रएक करोड़ झूठे मरे होंगे तब ये लोग पैदा हुए होंगे। र उन्होंने कहा कि सरकार ने 18 घंटे में यातायात बहाल कर अपने काम से जवाब दिया है।
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पूर्ववर्ती महाविकास आघाड़ी सरकार के समय इस परियोजना को असंभव बताकर रोक दिया गया था। महायुति सरकार ने विशेषज्ञों की सलाह लेकर इसे पूरा किया। उन्होंने कहा कि हाल की घटना से सबक लेते हुए अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के विशेषज्ञों की मदद से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।