Rahul Narwekar Slams Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए कहा कि वह हमेशा गलत मंच ही चुनते हैं। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में उद्धव ठाकरे के शामिल होने पर नार्वेकर ने यह टिप्पणी की।
मुंबई में मीडिया से बातचीत में राहुल नार्वेकर ने कहा, मुझे उद्धव ठाकरे के बारे में कुछ भी कहने में कोई विशेष रुचि नहीं है, लेकिन वे हमेशा गलत मंच ही चुनते रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के सवाल पर नार्वेकर ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तो बहस संसद के अंदर होनी चाहिए, न कि सड़कों पर।
उन्होंने कहा, लोकतंत्र में संसद को सबसे ऊंचे मंदिर का दर्जा दिया गया है। यह लोकतंत्र का मंदिर है। यहां चर्चा और बहस लोगों के हितों में होनी चाहिए। संसद को छोड़कर सड़कों पर जाकर विरोध-प्रदर्शन करना और उसे प्राथमिकता देना, क्या लोकतंत्र के लिए सही है?
संसद में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा काले कपड़े पहनकर विरोध जताने के बारे में पूछे जाने पर स्पीकर नार्वेकर ने कहा, विरोध और असहमति जताना हर व्यक्ति का अधिकार है, यह विपक्ष का अधिकार भी है। हालांकि, उस विरोध को संवैधानिक तरीके से जताना कहीं ज्यादा जरूरी है। अगर विरोध जताना आपका अधिकार है, तो उसे जिम्मेदारी से जताना आपका कर्तव्य है। जो जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझते, उन्हें जनता उनकी जिम्मेदारी सिखाएगी।
इसके अलावा, राहुल नार्वेकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा महाराष्ट्र राज्य कार्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। नार्वेकर ने कहा, रक्तदान मानवता की सच्ची सेवा है और जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन बचाने का काम करता है। मैंने नागरिकों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में ऐसी पहलों में भाग लें और सेवा की इस परंपरा को और समृद्ध करें।
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विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के इस बयान के बाद महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक की सियासत गर्मा गई है। एक ओर जहां उन्होंने विपक्ष को संसदीय मर्यादाओं का पाठ पढ़ाया, वहीं दूसरी ओर उनके इस सीधे हमले के बाद शिवसेना ठाकरे गुट और कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने के पूरे आसार हैं।