केतन अग्रवाल, सिया गोयल और चेतन की सांकेतिक फोटो  (सोर्स: एआई फोटो)
मुंबई

अब पंडित नहीं डिटेक्टिव मिला रहे हैं कुंडली! सिया गोयल के कारण दुल्हन की जासूसी करवा रहे हैं लड़के के पैरेंट्स

Siya Goyal Case Effect: सिया गोयल केस के बाद अरेंज मैरिज को लेकर पैरेंट्स में खौफ का माहौल है। अब शादी से पहले पंडित की जगह डिटेक्टिव्स से भावी दुल्हन का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया जा रहा है।

गोरक्ष पोफली

Private Detective Demand Rises After Siya Goyal Case: आज के दौर में शादियां केवल दो दिलों का मिलन नहीं रह गई हैं, बल्कि अब यह गहन जांच-पड़ताल का विषय बन गई हैं। विशेष रूप से महाराष्ट्र के लोहगढ़ किले में हुई केतन अग्रवाल की हत्या के बाद, जिसे उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अंजाम दिया था, माता-पिता के मन में एक गहरा डर बैठ गया है।

इस एक घटना ने पूरे मैरिज मार्केट की तस्वीर बदल दी है। अब अरेंज मैरिज के लिए लड़के-लड़कियों के माता-पिता हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं और इसी खौफ के कारण प्राइवेट डिटेक्टिव का बाजार अचानक से गर्म हो गया है।

ट्रस्ट वेरिफिकेशन का नया ट्रेंड

लोहगढ़ किले की उस दिल दहला देने वाली घटना, जिसमें सिया गोयल ने अपने होने वाले पति को ऊंचाई से धक्का दे दिया, ने हाई-क्लास सोसाइटी में एक नया ट्रेंड पैदा कर दिया है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, जब ऐसी कोई घटना सोशल मीडिया और समाचारों में सुर्खियां बनती है, तो लोगों को लगता है कि ऐसे खतरे बहुत सामान्य हैं। इसी डर को कम करने के लिए अब 'ट्रस्ट वेरिफिकेशन' यानी भरोसे की जांच पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

डिटेक्टिव से क्या जानकारी निकलवा रहे हैं पेरेंट्स?

अब माता-पिता केवल गुण और पत्रिका मिलने से संतुष्ट नहीं होते। वे लाखों रुपये खर्च करके भावी बहू या दामाद की पूरी कुंडली निकलवा रहे हैं। प्राइवेट डिटेक्टिव्स को दी जाने वाली मांगों की सूची काफी लंबी और चौंकाने वाली है।

  • चरित्र और प्रेम संबंध: क्या भावी जोडीदार का कोई पुराना या वर्तमान प्रेम प्रसंग है?

  • नशा और लत: क्या उसे शराब, ड्रग्स या किसी अन्य प्रकार का व्यसन है?

  • आर्थिक स्थिति का सच: क्या शैक्षणिक योग्यता और वेतन के दावे सच हैं? क्या परिवार पर कर्ज का कोई बड़ा बोझ तो नहीं है?

  • स्वभाव और उठना-बैठना: व्यक्ति का व्यवहार कैसा है और वह किन लोगों के साथ समय बिताता है?

  • लैंगिक रुझान: माता-पिता अब अपने बच्चों के होने वाले पार्टनर के यौन रुझान के बारे में भी गुप्त रूप से जांच करवा रहे हैं।

सावधानी ही बचाव है

आजकल स्थिति यह है कि जब तक प्राइवेट डिटेक्टिव अपनी रिपोर्ट में हरी झंडी नहीं दे देता, तब तक शादी की बात आगे नहीं बढ़ाई जाती। यदि डिटेक्टिव को जरा सा भी संदेह होता है, तो तुरंत उस रिश्ते को ठुकरा दिया जाता है। उच्च वर्गीय परिवारों में यह चलन अब एक जरूरत बन गया है, ताकि सिया गोयल और केतन अग्रवाल जैसी किसी अन्य त्रासदी से बचा जा सके।

कुल मिलाकर, सिया गोयल के कारण उपजे इस डर ने शादी-ब्याह के पारंपरिक तरीकों को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। अब अरेंज मैरिज के बाजार में भरोसा करने से पहले 'जांच' करना अनिवार्य हो गया है।

राहुल गांधी का बड़ा आरोप, मध्य प्रदेश चुनाव 2023 से शुरू हुई थी वोट चोरी; तकनीकी टीम ने की पुष्टि!

राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार! सुधांशु बोले राहुल की राजनीतिक समझ शून्य, बैशाखी के दम पर जीतते हैं चुनाव

मोदी-शाह की जांच, वोट चोरी और इंदिरा गांधी का जिक्र; राहुल गांधी ने क्या-क्या सवाल खड़े किए? 10 बड़ी बातें

ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, फिर हमला हुआ तो हिंद महासागर तक पहुंचेगा युद्ध; भारत पर कितना पड़ेगा असर?

देशद्रोहियों को छोड़ा नहीं जाएगा, ज्ञानेश कुमार पर भड़के राहुल गांधी; कहा- लोकतंत्र को खत्म होते नहीं देख सकते