Prithviraj Chavan Statement On Amit Shah: नीट परीक्षा विवाद और हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हुए महीने भर लंबे आंदोलन और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी विपक्ष का हमला जारी है। प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली में हुए लाठीचार्ज और बिहार में आंदोलन दबाने के लिए AK-47 हथियार दिखाए जाने के आरोपों पर अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधे निशाने पर लिया है।
पृथ्वीराज चव्हाण ने गृहमंत्री अमित शाह को देश का सबसे नालायक (अक्षम) गृहमंत्री बताया है। चव्हाण ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है। अब देखना ये होगा कि कांग्रेस की तरफ से की गई इस टिप्पणी पर बीजेपी की तरफ से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। इसे कांग्रेस का बीजेपी पर किया गया बड़ा राजनीतिक हमला बताया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए अमित शाह के इस्तीफे की जोरदार मांग की है। चव्हाण ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुआ लाठीचार्ज और बिहार में प्रदर्शन के दौरान AK-47 जैसी घातक राइफलों का इस्तेमाल बिना शीर्ष स्तर के आदेश के संभव नहीं है।
उन्होंने कहा, "अगर गृह मंत्रालय को यह नहीं पता कि प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन या हथियारों के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक नाकामी है। अमित शाह देश के अब तक के सबसे अक्षम गृहमंत्री साबित हुए हैं और उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।"
संसद के भीतर विपक्ष के सवालों का सामना न करने का आरोप लगाते हुए पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि गृहमंत्री और सरकार के प्रतिनिधि जवाबदेही से बच रहे हैं। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, "आप सदन के सामने आने से डर रहे हैं और जवाब देने से भाग रहे हैं। यह संविधान, लोकसभा और देश की जनता का सीधा अपमान है। सरकार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि बच्चों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी के आदेश किसने दिए। विपक्ष पर हमला करने के बजाय सरकार को देश के सामने जवाब देना चाहिए।"
गौरतलब है कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा एक महीने से अधिक समय तक प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारियों के संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया था, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए थे। इसके बाद बिहार में भी प्रदर्शन दबाने के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा AK-47 दिखाए जाने की तस्वीरें सामने आई थीं। हालांकि चौतरफा दबाव के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन विपक्ष अब गृह मंत्रालय की भूमिका को लेकर आक्रामक बना हुआ है।