Prabhadevi Haji Noorani Building Eviction: मुंबई के प्रभादेवी इलाके में स्थित हाजी नूरानी इमारत को खाली कराने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने रहवासियों को सात दिनों के भीतर इमारत खाली करने का नोटिस दिया है। हालांकि, निवासी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और अधिक समय की मांग कर रहे हैं, ताकि वे अपने नए घरों में शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
यह कार्रवाई शिवड़ी-वर्ली कनेक्टर परियोजना के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य अटल सेतु को दक्षिण मुंबई से सीधे जोड़ना है। इस प्रोजेक्ट के लिए 125 साल से अधिक पुराने प्रभादेवी पुल को तोड़कर नया दो मंजिला पुल बनाया जा रहा है। परियोजना के लिए लक्ष्मी निवास और हाजी नूरानी इमारत दोनों प्रभावित हो रही हैं।
एमएमआरडीए ने प्रभावित निवासियों के पुनर्वास के लिए म्हाडा से कुछ मकान खरीदे हैं। लक्ष्मी निवास इमारत के निवासियों को पहले ही इन मकानों में स्थानांतरित कर दिया गया है और इमारत खाली कराई जा चुकी है। अब हाजी नूरानी इमारत के निवासियों को भी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है।
एमएमआरडीए अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना पहले ही देरी का शिकार हो चुकी है और इसे सितंबर 2026 तक पूरा करना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में काम में तेजी लाने के लिए इमारतों को जल्द खाली कराकर पुल के स्तंभों का निर्माण शुरू करना जरूरी है। इसी वजह से अधिक समय देना संभव नहीं बताया जा रहा है।
ये भी पढ़ें:- मुंबई को मलेरिया मुक्त बनाने की तैयारी, BMC ने शुरू किया ‘जीरो मॉस्किटो ब्रीडिंग’ अभियान
वहीं हाजी नूरानी चॉल के निवासी मुनाफ ठाकुर सहित अन्य रहवासी मई 2026 के अंत तक का समय देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी कम अवधि में शिफ्टिंग और आवश्यक व्यवस्थाएं करना संभव नहीं है। इस मुद्दे को लेकर प्रशासन और निवासियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।