सड़कों पर गड्ढों (फोटो.सोशल मीडिया)  
मुंबई

मुंबई में बारिश से सड़कों पर गड्ढों की भरमार, 1,808 शिकायतें दर्ज; 64 मामलों में अब भी नहीं हुई कार्रवाई

Mumbai Pothole Crisis: मुंबई में बारिश के बीच गड्ढों की 1,808 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें कई तकनीकी कारणों से 'इन रिव्यू' में लंबित हैं। उधर पालघर में रेड अलर्ट के बाद स्कूल-कॉलेज बंद हैं।

रूपम सिंह

Mumbai Pothole Complaints: लगातार हो रही बारिश ने मुंबई की सड़कों की हालत बदहाल कर दी है। जगह-जगह बने गड्डों से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सड़क मरम्मत से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण की रफ्तार भी धीमी बनी हुई है।

मुंबई मनपा के पास अब तक गड्डों से संबंधित 1,808 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन इनमें से 64 शिकायतें अब भी 'इन रिव्यू' की स्थिति में अटकी हुई हैं। इसका समाधान करने में खुद मनपा प्रशासन नाकाम साबित होती नजर आ रही है। लगातार बारिश और तकनीकी कारणों से मरम्मत कार्य प्रभावित होने के कारण लोगों की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ती जा रही हैं।

मुंबई में 10 जून से अब तक सड़कों पर गड्डों से संबंधित कुल 1,808 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से केवल पिछले एक महीने में ही 751 नई शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि मंगलवार को अकेले 54 नई शिकायतें सामने आईं। प्राप्त कुल शिकायतों में से 1,549 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 946 शिकायतों को 'इनवैलिड' घोषित कर दिया गया है।

सड़कों से संबंधित केंद्रीय एजेंसी को प्राप्त शिकायतों में से 64 महत्वपूर्ण शिकायतें अब भी लंबित हैं। खास बात यह है कि ये सभी शिकायतें फिलहाल 'इन रिव्यू' की स्थिति में अटकी हुई हैं, जिसके कारण संबंधित सड़कों की मरम्मत शुरू नहीं हो सकी है। अपर्याप्त तकनीकी व्यवस्था के कारण यह तय नहीं हो पा रहा है कि संबंधित सड़क मुख्य मार्ग या उपमार्ग है।

मनपा 'सी' और 'एस' वार्ड में सबसे ज्यादा शिकायतें

लंबित शिकायतों में सबसे अधिक 'सी' वार्ड में 9 शिकायतें दर्ज हैं। इसके बाद 'एस' वार्ड में 7 शिकायतें और पश्चिम एक्सप्रेस हाईवे को लेकर 6 शिकायते लंबित हैं। वहीं ई, एच-पूर्व, के-उत्तर, पी-दक्षिण, आर-सेंट्रल और आर-उत्तर वार्डों में फिलहाल कोई भी लंबित शिकायत नहीं है।

पालघर में मूसलाधार बारिश, लोगों को बुरा हाल

पालघर, मूसलाधार बारिश का सिलसिला आज भी जारी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। भारतीय मौसम विभाग ने जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया था और लोगों से सतर्क रहने की अपील की थी। लगातार दूसरे दिन हो रही भारी बारिश के चलते पश्चिम रेलवे की सेवाएं प्रभावित हुई। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति है, जबकि नदियां, नाले और जलाशय उफान पर हैं। एहतियात के तौर पर सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र लगातार दूसरे दिन भी बंद रखे गए।

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