Operation Tiger Maharashtra: शिंदे सेना के मंत्री संजय शिरसाट ने फिर नया शिगूफा छोड़कर राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि ऑपरेशन टाइगर होकर रहेगा और इसके लिए सही समय का इंतजार है।
इधर डीसीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (ठाकरे गुट) के सांसद संजय दीना पाटिल के परिवार से मुलाकात करके इस तर्क-वितर्क को नई हवा दे दी है। राज्य की सियासत में ऑपरेशन लोटस की तरह 'ऑपरेशन टाइगर' का भी मुद्दा छाया हुआ है।
मंत्री संजय शिरसाट ने इस पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि डीसीएम शिंदे को सही समय और हालात का पूरा अंदाजा है। जिस दिन जरूरत होगी, यह ऑपरेशन कामयाब होगा। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे गुट के कई विधायक और सांसद हमारे संपर्क में हैं।
सही समय पर बड़ा राजनीतिक बदलाव होगा। ठाकरे गुट में अब पहले जैसी ताकत नहीं रही। दिवाली से पहले मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर शिरसाट ने कहा कि ऐसे फैसले मुंहजबानी नहीं लिए जाते, बल्कि सही समय पर लिए जाते हैं।
सातारा जिला परिषद चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने के आरोप में विधायक महेश शिंदे पर कार्रवाई होने की संभावनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि महेश शिंदे नाराज हैं और उन्होंने दो दिन पहले मुझसे बात की थी। उन्हें डीसीएम शिंदे से मिलकर अपनी बात रखने की सलाह दी गई है।
हालांकि सवाल यह है कि क्या उन्हें एकनाथ शिंदे से समय मिलेगा, डीसीएम शिंदे ने मंगलवार को मुलुंड के फोर्टिस हॉस्पिटल पहुंचकर ठाकरे गुट के उत्तर पूर्व मुंबई के सांसद संजय दीना पाटिल की पत्नी के स्वास्थ्य का हालचाल जाना। पाटिल की पत्नी पल्लवी हाल ही में एक एक्सीडेंट में घायल हो गई थीं और उनका इलाज चल रहा है।
इससे पहले राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ी थी कि ठाकरे सेना के 8 सांसद शिंदे सेना के संपर्क में हैं। उन्होंने डीसीएम शिंदे से ठाणे में मुलाकात की थी। हालांकि शिंदे ने इसे खारिज कर दिया था। ठाकरे गुट के परभणी के सांसद संजय जाधव को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। पिछले महीने 25 तारीख को शिवसेना भवन में हुई बैठक में जाधव और उनके कुछ समर्थक शामिल नहीं हुए थे। उद्धव ठाकरे ने परभणी के जिला प्रमुख गंगाप्रसाद आनेराव को पद से हटा कर उनकी जगह विष्णु मुरकुटे को नियुक्त कर दिया है।
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शिंदे ने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर उनकी तबीयत के बारे में पूछा और परिवार के लोगों का ढांढस बढ़ाया। पहले भी शिंदे के विपक्षी पार्टी के नेताओं के स्वास्थ्य का हालचाल जानने के कई उदाहरण है। वे ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत से भी अस्पताल में मिलने गए थे। शिंदे की मुलाकात को भले ही इंसानियत के नजरिए से देखा जा रहा है, लेकिन ऑपरेशन टाइगर की चर्चाओं के बीच कई तर्क-वितर्क निकाले जा रहे हैं।