NM Joshi Marg BDD Chawl Redevelopment: एनएम जोशी मार्ग स्थित बीडीडी चॉल के 342 रहिवासियों का पिछले सात वर्षों से चला आ रहा घर का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। म्हाडा मुंबई मंडल की ओर से निर्मित दो पुनर्वसित इमारतों को हाल ही में ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) मिल गया है। अब इन दोनों इमारतों में तैयार 342 घरों का कब्जा रहिवासियों को देने की तैयारी की जा रही है।
रहिवासियों को नए घरों की चाबी सौंपने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री से कार्यक्रम के लिए समय लेने की प्रक्रिया जारी है। कार्यक्रम की तारीख तय होने के बाद पात्र रहिवासियों को उनके नए घरों का कब्जा सौंपा जा सकेगा।
म्हाडा मुंबई बोर्ड बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना में एनएम जोशी मार्ग के रहिवासियों ने सबसे पहले परियोजना का समर्थन करते हुए अपने घर खाली किए थे।
हालांकि, पुनर्विकास कार्य की गति धीमी रहने के कारण उन्हें पिछले सात वर्षों से संक्रमण शिविरों में रहना पड़ा।
इस लंबे इंतजार के बाद दो पुनर्वसित इमारतों को ओसी मिलने से रहिवासियों को राहत मिली है। वरली और नायगांव क्षेत्र के कई रहिवासियों को पहले ही उनके नए घरों का कब्जा मिल चुका है।
एनएम जोशी मार्ग बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के पहले चरण में कुल सात इमारतों में 1,241 घर बनाए जा रहे हैं। इनमें से दो इमारतों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इन्हें ओसी भी मिल गई है। इन दोनों इमारतों में 342 घर तैयार हैं।
परियोजना की शेष पांच इमारतों का निर्माण कार्य भी जारी है। म्हाडा की योजना के अनुसार, इन इमारतों का काम पूरा कर अगले डेढ़ से दो महीने में रहिवासियों को कब्जा देने की तैयारी है। इससे एनएम जोशी मार्ग बीडीडी चॉल के अन्य पात्र परिवारों को भी जल्द अपने स्थायी घर मिलने की उम्मीद है।
पुनर्विकास परियोजना के पूरा होने के बाद लंबे समय से संक्रमण शिविरों में रह रहे परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध होगा और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।