Nitesh Rane Slams Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा राम मंदिर चंदा चोरी कांड को लेकर प्रस्तावित रामरक्षा विरोध प्रदर्शन ने सत्ता पक्ष को पूरी तरह से आक्रोशित कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक और अपने आक्रामक बयानों के लिए मशहूर नितेश राणे ने इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे को आड़े हाथों लिया है और उनकी तुलना सीधे पाकिस्तान से कर दी है।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए आए चढ़ावे और चंदे में कथित भ्रष्टाचार और चोरी के खिलाफ एक रामरक्षा आंदोलन शुरू करने का इरादा जताया है। ठाकरे गुट का कहना है कि वे इस आंदोलन के माध्यम से जनता के बीच जाएंगे और भगवान राम के नाम पर हो रही कथित लूट के खिलाफ हनुमान चालीसा और राम रक्षा का पाठ करेंगे। हालांकि, विपक्ष के इस कदम को भाजपा ने एक राजनीतिक ढोंग करार दिया है।
ठाकरे के इस ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए नितेश राणे ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने उद्धव ठाकरे को पाकिस्तान का एजेंट करार देते हुए कहा कि उन्हें राम मंदिर की याद अब आ रही है। राणे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, उद्धव ठाकरे जैसे पाकिस्तानी एजेंट को अब जाकर राम मंदिर की याद आई है। राणे ने सीधे तौर पर ठाकरे की मंशा पर सवाल उठाए और इसे हिंदू विरोधी ताकतों की साजिश का हिस्सा बताया।
नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल की याद दिलाई। राणे ने हमला बोलते हुए कहा कि जब उद्धव ठाकरे खुद राज्य के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने लाउडस्पीकर पर अज़ान की अनुमति दी थी और अज़ान की प्रतियोगिता आयोजित करवाई थी। राणे के अनुसार, उस समय उन्हें न तो हमारे मंदिर याद आए और न ही हमारे भगवान। भाजपा नेता ने दावा किया कि जब सत्ता में थे तब ठाकरे ने हिंदुत्व के मुद्दों को दरकिनार कर दिया था और अब केवल राजनीतिक लाभ के लिए वे राम का नाम ले रहे हैं।
राणे ने अपने बयान में ठाकरे की भाषा की तुलना पाकिस्तान की भाषा से की। उन्होंने कहा कि जो भाषा पाकिस्तान हिंदू राष्ट्र को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल करता है, वही भाषा अब उद्धव ठाकरे ने भी बोलनी शुरू कर दी है। राणे का तर्क है कि राम मंदिर जैसे पवित्र मुद्दे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर ठाकरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और हिंदू गौरव की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
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राम मंदिर जैसे भावनात्मक मुद्दे पर शिवसेना ठाकरे गुट और भाजपा के बीच यह नई जंग शुरू हो गई है। नितेश राणे के इस बयान के बाद अब ठाकरे गुट की प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन सोशल मीडिया पर नितेश राणे के इस खतरनाक और तीखे बयान ने पहले ही बड़ी बहस छेड़ दी है।
यह विवाद दर्शाता है कि आने वाले चुनावों से पहले महाराष्ट्र में धर्म, राष्ट्रवाद और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर संघर्ष और भी तेज होने वाला है।