Nitesh Rane Slams Sanjay Raut: पांच राज्यों के चुनावी नतीजों और उसके बाद विपक्ष की ओर से उठ रहे सवालों के बीच महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। राणे ने विशेष रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार और उद्धव गुट के नेता संजय राउत की बयानबाजी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतदाताओं का फैसला सर्वोपरि होता है, जिसे स्वीकार करने का साहस विपक्ष में नहीं है।
नितेश राणे ने विपक्षी दलों के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विपक्ष जीतता है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन भाजपा की जीत उन्हें पचती नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, केरल में जब कांग्रेस जीतती है, तब ये लोग कोई सवाल नहीं उठाते और न ही लोकतंत्र पर खतरा बताते हैं। लेकिन जैसे ही देश के किसी भी हिस्से में भाजपा की जीत होती है, इन लोगों को हरी मिर्ची लगने लगती है। यह इनकी हताशा को दर्शाता है। राणे ने आगे कहा कि ईवीएम या चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना असल में उन करोड़ों मतदाताओं का अपमान है जिन्होंने लंबी लाइनों में लगकर वोट दिया है।
जब पत्रकारों ने संजय राउत द्वारा चुनावी परिणामों पर उठाए गए संदेहों के बारे में पूछा, तो नितेश राणे ने बेहद आक्रामक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, आज इतना बड़ा दिन है, जीत का जश्न है। इतने बड़े दिन पर इतने छोटे आदमी (संजय राउत) का नाम मत लीजिए। राणे का यह बयान सीधे तौर पर राउत की राजनीतिक प्रासंगिकता पर कटाक्ष था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग खुद जनता का विश्वास खो चुके हैं, उन्हें चुनाव परिणामों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
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नितेश राणे ने टीएमसी और इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगियों को नसीहत देते हुए कहा कि हार और जीत चुनाव का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी बंगाल के बाहर बुरी तरह विफल रही है और अब उन्हें अपनी गलतियों को सुधारने के बजाय सिस्टम को दोष देना बंद करना चाहिए। राणे के अनुसार, भाजपा की जीत विकास की राजनीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता की मुहर है। उन्होंने अंत में दोहराया कि विपक्षी नेताओं को लोकतंत्र का सम्मान करते हुए जनादेश को शालीनता से स्वीकार करना सीखना चाहिए।