Sunetra Pawar On NCP Executive List Controversy: महाराष्ट्र की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर संगठनात्मक बदलावों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में पार्टी द्वारा चुनाव आयोग को सौंपी गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें पार्टी के सबसे भरोसेमंद और वरिष्ठ चेहरों प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और सुनील तटकरे के नाम नदारद थे। इस सूची के सामने आते ही सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या पार्टी के भीतर 'ऑल इज नॉट वेल' की स्थिति है या फिर पार्टी पूरी तरह से नई पीढ़ी के हाथों में कमान सौंपने की तैयारी कर चुकी है।
वायरल सूची के अनुसार, सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष और अजीत पवार के बेटों, पार्थ और जय पवार को महासचिव के महत्वपूर्ण पदों पर दिखाया गया है। वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी और केवल परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता देने के आरोपों के बाद विपक्षी दलों ने भी चुटकी लेना शुरू कर दिया। हालांकि, विवाद बढ़ता देख सुनेत्रा पवार ने मोर्चा संभाला और स्थिति स्पष्ट की।
सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर स्पष्ट किया कि वायरल हो रही सूची अंतिम नहीं है। उन्होंने कहा, "राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की कार्यकारिणी सूची में कुछ तकनीकी और टाइपिंग संबंधी गलतियाँ (Clerical Errors) हुई हैं। इसे सुधारने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही संशोधित सूची सार्वजनिक की जाएगी।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेता पार्टी की रीढ़ हैं और उन्हें कार्यकारिणी से बाहर रखने का सवाल ही पैदा नहीं होता। यह भी बताया जा रहा है कि मूल दस्तावेज में उनके नाम थे, लेकिन डिजिटल अपलोडिंग या ड्राफ्टिंग के दौरान यह चूक हुई। सुनेत्रा पवार ने साफ किया कि वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और मार्गदर्शन के बिना पार्टी आगे नहीं बढ़ सकती और उनके नाम हटाने के पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है।
भले ही सुनेत्रा पवार ने इसे तकनीकी गलती बताया हो, लेकिन विपक्षी खेमे ने इसे अजित पवार गुट के भीतर की अंदरूनी कलह के रूप में पेश किया है। चर्चा यह भी है कि क्या पार्टी के भीतर पुराने दिग्गजों और नई पीढ़ी के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो गई है? बहरहाल, अब सबकी नजरें एनसीपी द्वारा जारी की जाने वाली नई और संशोधित आधिकारिक सूची पर टिकी हैं, जो इन सभी विवादों पर पूर्ण विराम लगा सकती है।