नवनीत राणा, सुनेत्रा पवार व सुनील तटकरे (सोर्स: डिजाइन फोटो) 
मुंबई

क्या नवनीत राणा को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भेजेगी राज्यसभा? सुनील तटकरे ने दिया बड़ा बयान, जानें क्या कहा

Navneet Rana Rajya Sabha Seat: महाराष्ट्र राज्यसभा उपचुनाव पर बड़ी खबर! नवनीत राणा की उम्मीदवारी की अटकलों पर एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे का बड़ा बयान। जानें किसे मिल सकता है मौका।

गोरक्ष पोफली

Sunil Tatkare Statement: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से रिक्त हुई राज्यसभा सीट को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही अटकलों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने साफ तौर पर कहा है कि बीजेपी नेता नवनीत राणा को उनकी पार्टी की ओर से राज्यसभा भेजने का विषय अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

सुनील तटकरे का बड़ा बयान

पिछले कुछ दिनों से चर्चा थी कि बीजेपी, नवनीत राणा के लिए यह सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस से मांग सकती है। नवनीत राणा द्वारा सुनेत्रा पवार से की गई मुलाकात के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला था। हालांकि, सुनील तटकरे ने इन सभी संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि नवनीत राणा का अध्याय अब बंद हो चुका है। तटकरे के अनुसार, राज्यसभा उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर राष्ट्रवादी कांग्रेस की कोर कमेटी की बैठक में लगाई जाएगी। इस संबंध में सुनेत्रा पवार, छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।

फैसले लेने के लिए किसी बाहरी सलाह की जरूरत नहीं है

शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने आलोचना करते हुए कहा था कि अगर यह सीट किसी बीजेपी नेता को दी गई, तो यह माना जाएगा कि एनसीपी दिल्ली के सामने झुक गई है। इस पर तटकरे ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अपनी पार्टी के फैसले लेने के लिए किसी बाहरी सलाह की जरूरत नहीं है और रोहित पवार को अपनी पार्टी की संख्या बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

इस सीट के लिए शुरुआत में वरिष्ठ नेता छगन भुजबल का नाम सबसे आगे चल रहा था। भुजबल और अन्य प्रमुख नेताओं ने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की थी, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत मानी जा रही है।

अब भाजपा की प्रतीक्रिया का इंतजार

अब राज्यसभा की इस सीट के लिए जारी खींचतान ने महाराष्ट्र की सत्ताधारी गठबंधन के भीतर के समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या रविंद्र चव्हाण या देवेंद्र फडणवीस इन राजनीतिक घटनाक्रमों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हैं।

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