Educity Project In Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी एज्युसिटी परियोजना का काम सिडको ने शुरू कर दिया है। इस सिटी में सड़कों का निर्माण काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा, सड़क के निर्माण के लिए सिडको ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं।
इस सिटी का उद्देश्य नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से पांच किलोमीटर की दूरी पर राज्य के भीतर अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करना है, अब यह परियोजना महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। सिडको ने इस परियोजना के लिए लगभग 250 एकड़ जमीन आरक्षित की है।
इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का 85 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद, सिडको ने हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 'बी' से इस परियोजना तक पहुंचने के लिए मागों के निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपये की निविदा की घोषणा की।
पहले चरण में, सिडको एज्युसिटी परियोजना तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण का कार्य करेगा। इस निविदा में, एनएच 4बी राजमार्ग पर कुंडेवाहल गांव के पास से एज्युसिटी परियोजना तक सीधे पहुंचने के लिए लगभग 1।1 किलोमीटर तक 45 से 30 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण का कार्य शामिल है।
सिडको इसके लिए 116।53 करोड़ रुपये खर्च करेगा, यह सड़क कुंडेवहाल गांव के पास पनवेल-उरण-जेएनपीटी राजमार्ग (एनएच बी) से शुरू होगी। 30 वर्ग मीटर के अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा मानक का पालन करते हुए, प्रत्येक विश्वविद्यालय को 10 हेक्टेयर भूमि प्रदान करने की योजना है।
10 में से पहले 5 विश्वविद्यालयों को भूमि आवंटित करने की योजना है। पहुंच मार्ग बनने से पहले, सिडको को क्षेत्र की छोटी पहाड़ियों से पत्थर हटाकर उन्हें समतल करना होगा। सिडको एज्युसिटी परियोजना और उसके समतलीकरण के साथ-साथ अन्य कार्यों के लिए 890 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
यह शैक्षिक परिसर देश भर के छात्रों की विदेशों की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत कम लागत पर शिक्षा के अवसर प्रदान करेगा, यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुस्य महाराष्ट्र को वैश्विक शैक्षिक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इंटरनेशनल एज्युसिटी एक ऐसी परियोजना है जी देश में शिक्षा में क्रांति लाएगी और देश के छात्रों को प्रख्यात अंतर्राष्ट्रीय शिक्षाविदों से सीखने का अवसर प्रदान करेगी, हम इस परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर केंद्रित है।
-विजय सिंघल, उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, सिडको
एज्युसिटी परियोजना में अब तक 5 विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ समझौते किए जा चुके है। इन विश्वविद्यालयों में स्कॉटलैंड इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, शिकागो-अमेरिका और इटली के विश्वविद्यालय शामिल हैं। इन विदेशी सस्थानों को अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों, शुल्क और शैक्षणिक सत्रों पर स्वायत्तता प्रदान की गई है। भारतीय छात्र अंतर्राष्ट्रीय डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।